मध्यप्रदेश के दतिया जिले में एक शव के अनादर का मामला सामने आया है। इंदरगढ़ अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्यूरी में रखा गया शव, वहां बारिश का पानी भरने के कारण छह घंटे तक पानी में डूबा रहा। उसके बाद उसे खींचकर निकाला गया।
गत दिवस इंदरगढ़ स्वास्थ्य केंद्र पर पोस्टमॉर्टम के लिए दो शव लाए गए थे। एक शव जिले के खड़ौआ के नरेंद्र (20) पुत्र राजाराम प्रजापति का था। नरेंद्र की मौत करंट लगने से हुई थी। वहीं, दूसरा शव थैली गांव के अमजद का था। वह शिवपुरी के चितारी गांव का रहने वाला था। हाल ही में शिवपुरी इलाके में आई बाढ़ में उसका सब कुछ तबाह हो गया था, इसलिए वह ससुराल में रह रहा था। गुरुवार को उसने पेड़ से लटकर फांसी लगा ली थी। रात होने के कारण दोनों शव पोस्टमार्टम रूम में रखवा दिए गए थे। लेकिन देर रात हुई बारिश के कारण पीएम रूम में पानी भर गया था।
सूत्रों के अनुसार पीएम रूम में एक ही टेबल है। इसलिए नरेंद्र का शव टेबल पर रखा गया, जबकि अमजद का शव जमीन पर रख दिया गया। बारिश के कारण पीएम रूम में दो फीट पानी भर गया और अमजद का शव पानी में डूबा रहा। शुक्रवार सुबह जब मृतक के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, तो शव की हालत देख भड़क गए। हंगामा करने पर अस्पताल के अधिकारी व डॉक्टर सक्रिय हुए। शव को वहां से निकालने के बाद डॉक्टरों ने उसी पानी भरे पीएम कक्ष में खड़े रह कर पहले नरेंद्र का और बाद में अमजद का पोस्टमॉर्टम किया।