मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अमेजन पर ऑर्डर देकर जहर मंगाने और आत्महत्या करने के मामले में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही कंपनी के अधिकारियों को तलब किया जाए। अगर न आए, तो पुलिस के तरीके से उन्हें लाया जाए। उन्होंने दोहराया कि ई-कॉमर्स कंपनियों के अनुचित कारोबार पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार जल्द ही उचित नीति बनाकर केंद्र सरकार को भेजेगी।
हाल ही में भिंड जिले में कड़ी पत्ते के नाम पर ऑनलाइन गांजा तस्करी का मामला सामने आया था। इस मामले में अमेजन के अधिकारियों के खिलाफ भी मुकदमा दाखिल हुआ है। इसी तरह इंदौर में तीन महीने पहले एक युवक ने अमेजन से ही सल्फास मंगाकर अपनी जान दी थी। दो दिन पहले युवक के पिता ने इंदौर जिला प्रशासन से इस संबंध में उचित कार्रवाई करने की मांग की थी।
इंदौर के प्रभारी मंत्री डॉ. मिश्रा से पत्रकारों ने आत्महत्या से जुड़े मामले में कार्रवाई को लेकर सवाल किया था। इसके जवाब में डॉ. मिश्रा ने कहा कि इंदौर में ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन से जहर मंगाकर आत्महत्या करने के मामले में एफआईआर दर्ज करने और कंपनी के अधिकारियों को तलब करने के निर्देश दिए हैं। ई-कॉमर्स कंपनियों के इस तरह के अनुचित कारोबार पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार जल्द ही उचित नीति बनाकर केंद्र सरकार को भेजेगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कू पर उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा कि इंदौर के युवा आदित्य वर्मा ने बीते दिनों ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन से जहर मंगाकर आत्महत्या कर ली थी। बेटे की मौत से आहत पिता रंजीत और उनके परिवार ने आज मुझसे इंदौर में मुलाकात की। रंजीत जी मैं आपको न्याय दिलवाने का भरोसा दिलाता हूं। मैंने कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज करने और अमेजन के अधिकारियों को तलब करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इतनी गंभीर घटना के आरोपी बख्शे नही जाएंगे।
#Indore में ई-कॉमर्स कंपनी #Amazon से जहर मंगाकर आत्महत्या करने के मामले में #FIR दर्ज करने और कंपनी के अधिकारियों को तलब करने के निर्देश दिए हैं। ई-कॉमर्स कंपनियों के इस तरह के अनुचित कारोबार पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार जल्द ही उचित नीति बनाकर केंद्र सरकार को भेजेगी।
View attached media content
- Dr.Narottam Mishra (@drnarottammisra) 25 Nov 2021
गिरफ्तार आरोपियों की अमेजन के साथ सांठगांठ सामने आई
गांजे की ऑनलाइन तस्करी मामले में आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अमेजन की मदद से गांजे की सप्लाई की बात कबूल की थी। इसके ऑर्डर और ट्रांजेक्शन भी मिले हैं। इस मामले में पुलिस की पूछताछ और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अमेजन से कुछ सवाल किए गए थे। जानकारी मांगी गई थी। प्रश्नों के उत्तर कंपनी ने प्रस्तुत किए और पता चला कि आरोपी सूरज उर्फ कल्लू पवैया और मुकुल जायसवाल ने बाबू टैक्स नाम की फर्जी कंपनी बनाई और अमेजन पर सेलर के रूप में रजिस्टर हुए। स्टेविया के रूप में अपने निश्चित ग्राहकों को निश्चित स्थानों पर आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से गांजे की सप्लाई कराते थे। बाद में पता चला कि बाबू टैक्स कंपनी के पास पर्याप्त दस्तावेज भी नहीं थे। इसके बाद भी उसे सेलर बना दिया गया।