इंदौर की लोकायुक्त पुलिस ने एक मामले में कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों के कहने पर एक एजेंट को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा है। पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से एजेंट को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। मामले में तीन आरोपी हैं, जिनमें अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नेपानगर दीपक चौहान, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बुरहानपुर किशन नरेश बाबू और एजेंट दरियापुर निवासी सूर्यपाल सिंह का नाम शामिल है।
इस मामले में बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील के दहिंदा गांव के रहने वाले नितिन सेन ने शिकायत दाखिल की थी। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया था कि मैंने साजनी गांव के निवासी श्रीचंद झोले से सात-आठ साल पहले 3000 वर्गफीट जमीन खरीदी थी। इस जमीन की रजिस्ट्री बाद में कर्ज लेने के लिए पिता शंकर सेन के नाम पर कर दी गई थी। नेपानगर के अनुविभागीय राजस्व अधिकारी ने इस पर आपत्ति जताई थी।
अधिकारी ने अपनी शिकायत में कहा था कि आवेदक ने अवैध रूप से अनुसूचित जनजाति के एक व्यक्ति की जमीन अपने नाम करवा ली थी। इसे लेकर आवेदक से पांच लाख रुपये की रिश्वत की मांग भी की गई थी। शिकायत के अनुसार बाद में मामला डेढ़ लाख रुपये पर तय हुआ था। इसमें से 50 हजार रुपये ले भी लिए गए थे। बाकी रुपये किशन कनेश ने नितिन सेन से सूर्यपाल सिंह को 22 सितंबर को देने के लिए कहा था।
22 सितंबर यानी बुधवार को लोकायुक्त पुलिस नजर जमाए बैठी थी। जैसे ही सूर्यपाल सिंह ने रुपये लिए पुलिस ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई का जा रही है।