मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले युवक को दोषी करारा देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वह नाबालिग को शादी का झांसा देकर घर से भगाकर बैंगलोर ले गया था और वहां नाबालिग से दुष्कर्म किया था।
विशेष लोक अभियोजक प्रवीण कुमार मर्सकोले ने बताया कि मामला सितंबर 2021 का है। छिंदवाड़ा में रहने वाली नाबालिग को लेकर उसकी मां चौरई थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई थी कि वो स्कूल गई थी, जिसके बाद वो वापस नहीं लौटी थी। तलाश के बाद परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत थाने में लिखित रूप से की थी, लेकिन दो माह बाद पीड़िता को बरामद किया गया। तब उसने बताया था कि मनोज वर्मा नामक युवक उसे बहलाकर अपने साथ शादी का झांसा देकर बैंगलोर ले गया था जहां उसके साथ बलात्कार किया था।
पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर प्रकरण को सुनवाई के लिए चौरई के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की न्यायालय में प्रस्तुत किया था। मंगलवार को तमाम साक्ष्यों, गवाहों के बयान सुनने के बाद दोष सिद्ध पाए जाने पर न्यायालय ने आरोपी मनोज वर्मा को धारा 376, पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास और एक हजार रुपये, धारा 366 में सात वर्ष एवं पांच सौ और धारा 363 में पांच वर्ष और पांच सौ रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।