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Ujjain: महाकाल के आंगन में मकर संक्रांति का उल्लास, पतंग से सज रहा दरबार, त्रिवेणी और रामघाट भी स्नान को तैयार

Mon, 09 Jan 2023 08:20 PM IST
अर्पित याग्निक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

राजाधिराज महाकाल के स्नान के साथ मकर संक्रांति का पर्व शुरू होगा। इस मौके पर पतंग से दरबार को सजाया जा रहा है। त्रिवेणी और रामघाट भी संक्रांति स्नान के लिए जुटने वाली भीड़ के लिहाज से तैयार हो गए हैं।
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पतंग से सज रहा महाकाल दरबार। - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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धर्मधानी उज्जयिनी में सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व मकर संक्रांति उत्साह के साथ मनाया जाएगा। राजाधिराज महाकाल के आंगन में सबसे पहले इस त्योहार की शुरुआत होगी। कार्यक्रम को लेकर अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। गर्भगृह और नंदीहॉल को पतंग से सजाया जा रहा है। वहीं, संक्रांति पर शिप्रा-नर्मदा के जल में आस्था की डुबकी लगाने वालों के लिए भी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।

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महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पं. महेश पुजारी ने बताया कि ज्योतिर्लिंग की पूजन परंपरा के अनुसार मकर संक्रांति पर तड़के चार बजे भस्म आरती में भगवान महाकाल को तिल्ली से बने उबटन से स्नान कराया जाता है। इन दिनों सर्दी का मौसम है इसलिए भगवान को गर्म जल से स्नान कराया जा रहा है। स्नान-ध्यान के उपरांत भगवान का भांग व सूखे मेवे से विशेष शृंगार कर नवीन वस्त्र व आभूषण धारण कराए जाएंगे। पश्चात तिल्ली से बने पकवानों का भोग लगाकर आरती की जाएगी।

मकर संक्रांति पर बन रहा यह विशिष्ट संयोग
वागार्थ पीठाधीश्वर ज्योतिषाचार्य पं. अखिलेश महाराज के अनुसार मकर संक्रांति 2023 के दिन यानी कि 15 जनवरी को शनि स्वराशि मकर में गोचर कर रहे हैं। इसके अलावा ग्रहों के राजा सूर्य तो मकर राशि में प्रवेश ही करेंगे। वहां पर ग्रहों के राजकुमार और बुद्धि, वाणी, व्यापार, तर्कक्षमता और गणित के प्रदाता बुध उनके स्वागत के लिए पहले से ही विराजमान रहेंगे। यही नहीं इस दिन चंद्रमा और देवगुरु बृहस्पति भी मकर राशि में विराजमान होंगे। ऐसे में मकर राशि में जहां सूर्य, बुध और गुरु के संयोग से त्रिग्रही योग का निर्माण होगा। वहीं देवगुरु बृहस्पति हंसयोग का निर्माण करेंगे। इसके अलावा मकर संक्रांति पर शश योग, मालव्य योग और सुकर्मा योग भी बन रहा है।
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घाट किए गए तैयार। - फोटो : Amar Ujala Digital
शिप्रा में आया नर्मदा का जल
मकर संक्रांति के लिए नर्मदा का पानी त्रिवेणी आना शुरू हो गया है। उज्जैन में मकर संक्रांति का स्नान होता है और इस दिन बड़ी संख्या में रामघाट तथा त्रिवेणी पर श्रद्धालु बाहर से आते हैं। उनके स्नान की व्यवस्था के लिए प्रशासन हर बार नर्मदा से पानी मंगवाता है। इस बार भी प्रशासन ने नर्मदा का मिलियन क्यूबिक मीटर (2 एमसीएम) पानी स्नान के लिए मांगा है जो त्रिवेणी आना शुरू हो गया है। अब त्रिवेणी और रामघाट का लेवल मेंटेन किया जाएगा और स्नान के लिए श्रद्धालुओं को नर्मदा का साफ पानी उपलब्ध होगा।

सांदीपनि आश्रम में दो दिन मनेगा उत्सव
भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम में 14 और 15 जनवरी को दो दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। मंदिर के पुजारी पं. रूपम व्यास ने बताया भगवान श्री कृष्ण की पाठशाला में लोक परंपरा और शास्त्रीय मान्यता के अनुसार दो दिन उत्सव मनाने का निर्णय लिया गया है। दोनों दिन भगवान श्रीकृष्ण का तिल युक्त जल से अभिषेक-पूजन होगा भगवान को सर्दी के अनुरूप वस्त्र धारण कराए जाएंगे। भगवान को पांच प्रकार के तिल्ली से बने पकवानों का भोग लगाकर आरती की जाएगी।
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