खटुआ हत्याकांड: अगली सुनवाई 13 जनवरी को
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) में जूनियर वर्क मैनेजर एससी खटुआ की हत्या के मामले में जबलपुर एसपी कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। शुक्रवार को उन्हें कोर्ट पहुंचना था। कोर्ट को जानकारी दी गई कि वे छुट्टी पर हैं। इस पर एकलपीठ ने पुलिस अधीक्षक को अगली तारीख पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। खटुआ की हत्या जनवरी 2019 में हुई थी। उनकी पत्नी ने खटुआ हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग के साथ 2019 में ही याचिका लगाई थी।
पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जांच तथा कार्यवाही संबंधित समस्त रिपोर्ट के साथ पुलिस अधीक्षक को उपस्थित रहने के निर्देश दिए थे। याचिका पर गुरूवार को हुई सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा पेश की गई जांच व कार्यवाही रिपोर्ट पर असंतुष्टि व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षक को 24 घंटों में न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। याचिका पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान जांच के लिए गठित एसआईटी प्रमुख व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय अग्रवाल उपस्थित हुए। उन्होने पुलिस के अवकाश पर होने की जानकारी एकलपीठ को प्रदान की। एकलपीठ ने उक्त आदेश जारी करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई 13 जनवरी को निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता मुकेश मिश्रा उपस्थित हुए।
ये है मामला
बता दें कि मामला 2019 का है। जीसीएफ को धनुष आर्टिलरी गन 155 एमएम को बनाने का प्रोजेक्ट मिला था। गन में उपयोग होने वाला वायरलेस रोलिंग बैरिंग का ठेका दिल्ली की सिद्धी सेल्स को दिया गया था। कंपनी ने चीन में बने माल पर मेड इन जर्मन की सील लगाकर वायरलेस रोलिंग बैरिंग सप्लाई की थी। दिल्ली सीबीआई इस मामले की जांच कर रही थी। पूछताछ के लिए खटुआ को बुलाया गया था। 17 जनवरी 2019 को खटुआ घर से तो निकले, पर लौटे नहीं। 20 दिन बाद 5 फरवरी को उनकी लाश सरकारी निवास से एक किमी दूर मिली थी।
फैक्ट्री क्षेत्र के मेन गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे से साफ है कि खटुआ लौट रहे हैं। इससे साफ है कि हत्या फैक्ट्री क्षेत्र में ही हुई है। आठ महीने बाद भी पुलिस आरोपियों को पकड़ नहीं पाई तो उनकी पत्नी मौसमी खटुआ ने जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। इस मामले में पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि भोपाल के मेडिको लीगल इंस्टीटयूट और सागर के एफएसएल को कपड़ों समेत अन्य साक्ष्यों को भेजा गया था। उसकी रिपोर्ट नहीं मिली है।
कोर्ट ने जताई थी नाराजगी
जस्टिस विशाल घगट की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक ने व्यक्तिगत रूप से पेश न होने पर माफीनामा पेश किया था। साथ ही स्टेटस रिपोर्ट भी पेश की गई थी। उसे पढ़ने के बाद कोर्ट नाराज हो गया और उसने 24 घंटे के अंदर एसपी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था।