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Khandwa: किसानों ने कलेक्टर कार्यालय का किया घेराव, जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की उठाई मांग, दी ये चेतावनी

Tue, 05 Sep 2023 09:36 AM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

सार

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे किसानों ने जमकर नारेबाजी करते हुए कार्यालय का ही घेराव कर डाला। दरअसल, पूरे जिले में खरीफ की मुख्य फसल सोयाबीन बारिश न होने के चलते बर्बाद हो चुकी है। किसान जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर फसलों का मुआवजा सहित राहत राशि और समय पर सिंचाई के लिए बिजली की मांग किए हैं।
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किसान कलेक्टर कार्यालय जाते हुए - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खंडवा में इस वर्ष बारिश अपेक्षा अनुरूप कम रही है, जिसके चलते निमाड़ क्षेत्र की मुख्य फसल सोयाबीन इस वर्ष पूरी तरह से बर्बाद हो चली है। पहले तो पानी की कमी और अब बिजली विभाग के सिंचाई हेतु रात के समय सात घंटे बिजली दिए जाने से किसान नाराज हैं, जिसको लेकर सैकड़ों किसानों ने सोमवार जिला कलेक्टर कार्यालय तक बैलगाड़ी सहित पैदल यात्रा निकाली। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय पहुंचे किसानों ने कार्यालय का घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी भी की।

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किसानों ने नारेबाजी करते हुए कहा, हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते, जय जवान जय किसान, इंकलाब जिंदाबाद सहित शिवराज तेरी तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारे लगाते हुए किसानों ने अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद किसानों ने जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर राहत राशि जारी करने जैसी अपनी कई मांगों को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी भी दी कि अगले पांच से छह दिनों में उनकी मांगे नहीं मानी जाती हैं, तो वे स्टेट हाइवे जाम कर बड़ा आंदोलन तब तक करेंगे, जब तक की उनकी मांगे मान नहीं ली जातीं।

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किसानों की यह थीं सात बिंदुओं की मांगें
बैलगाड़ी यात्रा लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे किसान नेता और जनपद पंचायत खंडवा के जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि रामपाल सिंह ने बताया कि इस समय पूरे खंडवा जिले के किसानों की यही मांग है कि जिले को सूखाग्रस्त घोषित करें। अपनी इन्हीं मांगों को लेकर पूरी खंडवा तहसील के किसान जिला मुख्यालय आए और वह चाहते हैं कि अब बगैर सर्वे किसानों के लिए पचास हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के मान से राहत
राशि किसानों के बैंक खातों में जमा की जाए।

इसके साथ ही किसानों को 24 घंटे बिजली दी जाए और जो रात में बिजली देने का शेड्यूल किया है, उसे तुरंत बंद करते हुए दिन का शेड्यूल किया जाए। क्योंकि किसानों को रात में खेतों में सांप बिच्छू के काटे जाने का डर बना हुआ है। साथ ही किसानों का कर्ज माफ किया जाए और उनके बच्चे जो शिक्षण संस्थान में पढ़ रहे हैं, उनकी फीस भी माफ की जाए। इसके साथ ही मजदूरों को काम दिया जाए और किसानों का जो फसल बीमा काटा गया है, वह उनके खातों में तुरंत जमा किया जाए।
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स्टेट हाइवे पर चक्का जाम की दी चेतावनी
किसान नेता रामपाल सिंह ने चेतावनी भी दी के यदि उनके ज्ञापन में दी गई सात बिंदुओं की मांगे आने वाले पांच से छह दिन में नहीं मानी जाती हैं तो किसान तलवड़ीया फाटे पर जो की स्टेट हाइवे पर है वहां पर चक्का जाम करेंगे, जिसका जवाबदार शासन-प्रशासन रहेगा। रामपाल ने कहा कि हम आज उन्हें आगाह करने आए थे। आज हम हजारों की संख्या में यहां आए हैं। आइंदा 20 से 25 हजार लोग ऐसा आंदोलन करेंगे की शासन को उसी समय घोषित करना पड़ेगा, तभी लोग उठेंगे।

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