मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
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पुलिस आरक्षक भर्ती मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। शासन की ओर से पेश जवाब पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए व्यक्तिगत हलफनामा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस आरक्षक भर्ती से जुड़े मामले में कर्मचारी चयन मंडल (पूर्व में प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड) के डायरेक्टर से पूछा है कि किस कानून के तहत अनारक्षित महिला की सीटें ईडब्ल्यूएस महिला सीटों के साथ मर्ज कर दीं। जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने डायरेक्टर को इस संबंध में व्यक्तिगत हलफनामा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा ऐसा नहीं होने पर डायरेक्टर को अगली सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से हाजिर होना पड़ेगा।
अदिति तिवारी व प्रदेश के विभिन्न जिलों के उम्मीदवारों की ओर से अधिवक्ता एनएस रूपराह ने बताया कि याचिकाकर्ताओं को चयनित उम्मीदवारों से अधिक अंक मिले हैं, फिर भी उनकी नियुक्ति नहीं हुई। शासन की ओर से जवाब प्रस्तुत कर बताया अनारक्षित महिला और ईडब्ल्यूएस महिला की सीटों को मर्ज कर दिया गया। इसके बाद फिजिकल टेस्ट में चयनित सभी महिला उम्मीदवारों को नियुक्ति दे दी गई। कोर्ट ने पूछा कि किस नियम के तहत ऐसा किया गया। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने उक्त निर्देश दिए।