एक नाबालिग को भगाकर ले जाकर उसके साथ मंदिर में शादी कर दैहिक शोषण करने वाले आरोपी गोलू पटेल को अदालत ने दोषी करार दिया है। पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश ने गोलू को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अदालत को अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि 29 मार्च 2022 को पीड़िता की मां ने रांझी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी 28 मार्च को सुबह 11 बजे स्कूल जाने का कहकर निकली थी, उसके बाद वापस नहीं आई। कोई उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। पुलिस ने गुम इंसान कायम कर पीडि़ता को ढूंढ निकाला। उसने बताया कि गोलू पटेल उसे भोपाल ले गया और उसके बाद विदिशा, जहां मंदिर में उन्होंने शादी कर ली। इसके बाद गोलू और उसके बीच शरीरिक संबंध बने।
पुलिस ने मामले में दुराचार व पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर अदालत के समक्ष चालान पेश किया। सुनवाई दौरान पेश किए गए गवाह व साक्ष्यों के मद्देनजर अदालत ने आरोपी को उक्त सजा से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से एडीपीओ मनीषा दुबे ने पक्ष रखा।