जबलपुर में पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के तहत अमानक स्तर का गेहूं वितरण के लिए भेजा गया। वितरण के लिए भेजे गए गेहूं क्वालिटी मानव वर्ग के उपयोग हेतु नहीं थी। जिला कलेक्टर ने तीन अधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी करते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है।
जिला कलेक्टर सौरभ के सुमन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीडीएस योजना के तहत चार दुकानों में मानक से कम स्तर का गेहूं वितरण के लिए भेजा गया था, जिसके शिकायत प्राप्त होने के बाद अमानक स्तर के गेहूं को दुकानों से बुलाया गया। उनके स्थान में मानक स्तर का गेहूं वितरण के लिए भेजा गया है। इस संबंध में नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक दिलीप करार, मप्र वेयर हाउसिंग लिमिटेड के जिला प्रबंधक एस आर निमोदा तथा मंडी गोदाम प्रभारी राम किशोर बैगा को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है।
उन्होंने बताया कि जांच के लिए सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी संजय खरे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है, जिसमें कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी अनीता सोरते तथा सूचिता दूबे सदस्य होगी। गेंहू किस स्तर तक अमानक था, इस संबंध में अधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर होगी। फूड कंट्रोलर कमलेश टांडेकर ने बताया कि सप्लाई किया गया गेहूं मानक वर्ग के खाने लायक नहीं था।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गेहूं खराब होने के कारण उसे पशु के खाने के लिए नीलाम किये जाने हेतु रखा गया था। नीलामी की कार्यवाही से पहले उसे पीडीएस के तहत सप्लाई कर दिया गया। सप्लाई किया गया गेहूं मानक जीवन के लिए हानिकारक स्तर का था।