मप्र हाईकोर्ट से मप्र आजीविका मिशन में कार्यरत सहायक जिला प्रबंधक को राहत मिली है। चीफ जस्टिस रवि विजय मलिमथ व जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने दायर अपील पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता की बेटी के दसवीं बोर्ड क्लास में होने को मद्देनजर रखते हुए उनके तबादले पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला आशुतोष शुक्ला की ओर से दायर किया गया है। इसमें कहा गया है कि वे मप्र राज्य आजीविका मिशन में सहायक जिला प्रबंधक के पद पर सतना में पदस्थ हैं। तीन जुलाई को उनका तबादला छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा तहसील कर दिया गया था। इस पर उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी। एकलपीठ ने पूर्व में उनके तबादले पर रोक लगा दी थी, इसके बाद उनकी याचिका निरस्त कर दी। जिस पर यह अपील दायर की गई है। मामले में अपीलार्थी की ओर से अधिवक्ता मनोज कुशवाहा व कौशलेंद्र सिंह ने पक्ष रखते हुए तर्क दिया कि आवेदक की बेटी कक्षा दसवीं बोर्ड क्लास में अध्यनरत है। ऐसे में यदि उनका तबादला दूसरे स्थान किया जाता है तो उसकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित होगी। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अंतरिम आदेश से तबादले पर रोक लगाते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।