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MP News: ससुराल छोड़ मायके में रहने वाली महिला भरण-पोषण की हकदार नहीं, ये रहा पूरा मामला

Sat, 10 Feb 2024 05:54 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित फैमिली कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। पति-पत्नी विवाद मामले में कोर्ट ने कहा, यदि पत्नी साथ नहीं रहना चाहती को भरण-पोषण की हकदार नहीं है।
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कोर्ट फैसला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जबलपुर में कुटुंब न्यायालय यानी फैमिली कोर्ट ने अपने अहम आदेश में कहा है कि पत्नी साथ नहीं रहना चाहती है तो वह भरण-पोषण की हकदार नहीं है। कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश केएन सिंह ने आवेदक पत्नी को भरण-पोषण के लिए पात्र नहीं मानते हुए आवेदन को खारिज कर दिया।

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अधारताल थाना निवासी महिला ने भरण-पोषण के लिए कुटुंब न्यायालय में आदेवन दायर किया था। अनावेदक पति सचिन की तरफ से न्यायालय को बताया गया कि उसकी पत्नी 15 दिसंबर 2020 को ससुराल से मायके जाकर रहने लगी है।

पत्नी से वैवाहिक संबंध की दोबारा स्थापना के लिए उसने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा-9 के तहत न्यायालय में आवेदन दायर किया था। पत्नी के उसके खिलाफ दहेज प्रताड़ना के तहत प्रकरण दर्ज करवाया है। इसके अलावा 12 लाख रुपये के चेक बाउंस का प्रकरण भी दर्ज कराया है।
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न्यायालय ने पाया कि महिला ने अपने बयान में स्वयं कहा है कि वह अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती है। न्यायालय ने उक्त आदेश जारी करते हुए महिला के आवेदन को खारिज कर दिया।

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