मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से भोपाल की स्पेशल ब्रांच में डीएसपी के पद पर पदस्थ मोहिन्दर सिंह कंवर को बड़ी राहत मिली है। जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने उनके खिलाफ जारी की गई चार्जशीट और उसके आधार पर शुरू की गई विभागीय जांच निरस्त कर दी। एकलपीठ ने आदेश में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायदृष्टांत के तहत घटना के सात साल बाद आरोप पत्र जारी करना और उसके बाद विभागीय जांच में देरी करना न्यायोचित नहीं है। इसके साथ ही न्यायालय ने 27 मई 2021 को जारी चार्जशीट निरस्त कर दी।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि जिन आरोपों के आधार पर चार्जशीट जारी की गई है वो 2014 की घटना से संबंधित हैं। इतना ही नहीं उन पर लगाये गये आरोप भी निराधार हैं। इतनी देरी से जारी की गई चार्जशीट निरस्त करने योग्य है। डीएसपी पर आरोप था कि उन्होंने 2014 में छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव के दौरान एक राष्ट्रीय पार्टी के चुनाव अभियान में हिस्सा लिया था। बताया गया कि इस मामले में अपील छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में लंबित है। उसी समय एक अन्य प्रकरण में भी याचिकाकर्ता को आरोपी बनाया गया था, लेकिन बाद में सरकार ने वो प्रकरण वापस ले लिया था, लेकिन विभागीय जांच जारी रखी गई। इसके चलते याचिकाकर्ता को प्रमोशन भी नहीं दिया गया, जबकि उनके साथ के अधिकारी उनसे उच्च पदों पर पदस्थ हैं। सुनवाई के बाद न्यायालय ने जांच निरस्त करने के निर्देश दिये।