जबलपुर जिले के पाटन क्षेत्र में नाबालिग बेटी को डरा धमकाकर निरंतर उसे अपनी हवस का शिकार बनाने वाले आरोपी बाप को पाटन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा दी है। ये सजा उसके बचे हुए जीवन तक भोगना होगी। एडीजे विवेक कुमार की अदालत ने कहा कि घर की चारदीवारी के अंदर रक्षक ही भक्षक बन जाए तो ऐसे भयावह और पिशाचकारी रूप की उसके पवित्र रिश्ते की वजह से कोई कल्पना ही नहीं कर सकता। अदालत ने आरोपी पिता पर 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अदालत को अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि 30 सितंबर 2020 को पीड़िता ने पाटन थाने में लिखित शिकायत दी कि उसकी मां का 15 साल पहले देहांत हो गया है। उसके पिता एक साल से उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म करते हैं। इतना ही नहीं धमकाते हैं कि यदि किसी को बताया तो मार डालेंगे और काट के फेंक देंगे। उसने अपने परिवार को बताया, लेकिन किसी ने सहयोग नहीं किया। तब वह परेशान होकर अपने भाई के साथ थाने रिपोर्ट करने गई। शिकायत पर पाटन पुलिस ने दुराचार, पॉक्सो सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर अदालत के समक्ष चालान पेश किया। सुनवाई दौरान पेश किए गए गवाह व साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने उक्त तल्ख टिप्पणी करते हुए दोषी पिता को उक्त कठोर कारावास से दंडित किया है। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक संदीप जैन ने पक्ष रखा।