मध्यप्रदेश के विदिशा जिले से निकलने वाली बेतवा नदी धीरे-धीरे प्रदूषित हो रही है। जिस कारण यह हरे भरे खेत की तरह से नजर आने लगी है। यदि, समय रहते इस पर ध्यान नही दिया गया तो यह नदी अपना अस्तित्व भी खो सकती है।
जानकारी के अनुसार एक समय में बेतवा नदी अपनी शुद्धता, पवित्रता और निर्मल जल के लिए पहचान बनाए हुई थी। लेकिन, जैसे जैसे समय बीतता चला गया और इसमें गंदे नाले का पानी छोड़ा जाने लगा तो यह प्रदूषित होने लगी। देखते-देखते नदी में प्रदूषण और अधिक बढ़ रहा है, यदि समय रहते हुए स्थानीय और जिला प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय में यह और प्रदूषित हो जाएगी। जिससे स्थानीय लोग सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।
जानकारों की मानें तो नगर के गंदे नालों से निकलने वाला पानी बेतवा नदी में छोड़ने के कारण नदी लगातार दूषित हो रही है। इसी बेतवा घाट के बीचों बीच चरण तीर्थ नामक एक प्राचीन देव स्थल भी है। जिसमे ऐसी मान्यता है कि अपने वनवास के दौरान भगवान राम के चरण यहां पड़े थे, तभी से इसे चरण तीर्थ के नाम से जाना जाता है। आज भी भगवान राम के चरण चिन्ह यहां मौजूद हैं। इसके बाद भी नदी में होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए स्थानीय और जिला प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाए हैं।