शहर के कलेक्टर कार्यालय में हुए करोड़ों रुपए के घोटाले ने प्रदेश सरकार के बड़े अधिकारियों को भी चिंता में डाल दिया है। एक बाबू से शुरू हुए इस घोटाले में 29 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। तीन साल से चल रहे इस घोटाले की किसी को भनक क्यों नहीं लगी यह भी बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। बड़े अधिकारी अभी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। जनता की योजनाओं और सरकारी टेंडरों के लिए आए पैसे में यह घोटाला होने पूरे प्रशासनिक सिस्टम पर सवाल उठा रहा है।
इंदौर कलेक्ट्रेट में अनुकंपा नियुक्ति पर लगे बाबू मिलाप चौहान ने इस घोटाले की शुरुआत की। धीरे धीरे इसमें उसने अपने कई साथी कर्मचारियों को मिला लिया। जब साथी उससे पूछते थे कि हम सब फंसेंगे तो नहीं? तो वह कहता था कि चिंता मत करो, कोई नहीं फंसेगा, मैं सबको उनका हिस्सा देता हूं। यह बात मिलाप से चल रही शुरुआती पूछताछ में सामने आई है। इससे यह भी पता चलता है कि इस मामले में कई बड़े अधिकारियों के नाम भी शामिल हो सकते हैं। जांच में अभी तक 5 करोड़ 67 लाख 96 हजार रुपए की राशि गबन करने का पता चला है।
सरकारी फंड से अय्याशी के लिए ऐसे निकाला जनता का पैसा
इन कर्मचारियों ने घोटाले के लिए लंबे समय से फेल पड़े ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का उपयोग किया। इन ट्रांजेक्शन का पैसा निकालने के लिए दोबारा बिल बनाए और अपने और रिश्तेदारों के खातों का उपयोग किया। इसमें 30 खातों का उपयोग किया गया। अपर कलेक्टर राठौड़ के मुताबिक कलेक्टोरेट से कई मदों में पैसा जाता है। इसमें कई तरह के वेंडर शामिल होते हैं। शासन का पैसा वह इन नाम के खातों में डालता लेकिन उसमें खाता नंबर खुद, पत्नी और अन्य का होता था। कोविड के बाद से ही उसने इस पैसे को दूसरे अकाउंट में डाला। हितग्राहियों को अलग-अलग मदों में इस सरकारी राशि का भुगतान होना था, जो मिलाप अपने खाते के अलावा एक अन्य बाबू, एक भृत्य, अपनी पत्नी सहित अन्य सभी खातों में करता था।
29 लोगों के खिलाफ हुई एफआईआर
कलेक्टर डॉ. इलैया राजा टी. ने बताया कि मिलाप के साथ ही कर्मचारी रणजीत करोड और प्यून अमित निम्बालकर को भी निलंबित किया है। पुलिस ने 29 लोगों के खिलाफ एफआईआर की है। रणजीत को सांवेर तो अमित को हातोद कार्यालय में अटैच किया है। रावजी बाजार टीआई प्रीतम सिंह ठाकुर के अनुसार पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 409 और 120 बी में केस दर्ज किया है। अरोपी मिलाप सिंह चौहान, रणजीत सिंह करोड, अमित निम्बालकर, मिलाप की पत्नी मनीषा चौहान, भाई राहुल चौहान, पूजा परिहार, राकेश परिहार, अभिषेक सोलंकी, धापू राठौर, हीना कुरैशी, राहुल राठौर, सोनम राठौर, अतुल चौहान, दिनेश राठौर, गीता करोड़, सोनू परेता, जगदीश गढ़वाल, विकास वाविस्कर, संजय पाठक, ज्योति पाठक, योगेश जाधव, शुभम यादव, खुशाल सेनवार, गोलू शेखावत, खुशबू निंबालकर, विवेक जागीरदार, कृतिका शर्मा, राजेश मौर्य और संतोषीबाई भी शामिल हैं। प्रशासन ने रावजी बाजार थाने पर एफआइआर दर्ज करवाकर आरोपित मिलाप को पुलिस के हवाले कर दिया है। अपर कलेक्टर राठौर ने बताया कि एफआइआर कराने के बावजूद हमारी जांच जारी रहेगी।
सरकारी खजाने का पैसा जमीनें खरीदने, अय्याशी करने में उड़ाया
1. मिलाप ने इस धन से महू के जामली गांव में 26 हजार वर्गफीट का फार्म हाउस खरीदा। इसके लिए सीधे सरकारी खजाने से कुछ राशि का भुगतान कर दिया। यह फार्म हाउस करीब डेढ़ करोड़ रुपए का है।
2. विभिन्न स्थानों के लिए ऑनलाइन फ्लाइट टिकट बुक करने के लिए 10 लाख रुपए से अधिक खर्च किए।
3. कई लोगों को लोन के रूप में भी रुपए दिए गए।
4. मिलाप और उसके साथियों ने कई कॉल गर्ल के खातों में 20 से 40 लाख रुपए तक डाले।
5. गोवा, मुंबई जाकर कई बार पार्टियां की।
6. ऑनलाइन अय्याशी में भी जमकर पैसा उड़ाया गया।