इंदौर में चर्चा करते डॉ. अमरेश श्रीवास्तव
- फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
आपका बच्चा चिड़चिड़ा हो रहा है, वह ठीक से खाना नहीं खाता, वह अक्सर रोता ही रहता है। यह सब बातें आजकल हमें हर जगह सुनने को मिल जाती हैं। इतना सब होने के बावजूद हम यह नहीं समझ पाते कि उसे समस्या क्या हो रही है। दरअसल यही सबसे बड़ी समस्या है। विभिन्न कारणों से बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य Mental Health खराब हो रहा है और पैरेंट्स सिर्फ अपने काम में व्यस्त हैं। एक दिए एेसा आता है जब कोई बड़ी घटना हो जाती है और फिर हमें पता चलता है कि हमने क्या गलतियां की हैं। इससे बेहतर यह है कि हम सब मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जानें और अपने आसपास के लोगों के व्यवहार पर नजर रखें। यह बातें प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ. अमरेश श्रीवास्तव ने इंदौर में कही। वे वेस्टर्न यूनिवर्सिटी कनाडा में मनोचिकित्सा विज्ञान के वरिष्ठ प्रोफेसर हैं और इन दिनों एमजीएम मेडिकल कॉलेज के कार्यक्रम के लिए इंदौर आए हुए हैं। उन्होंने इंदौर के एमजीएम से ही पढ़ाई की है।
वे कहते हैं बीते कुछ सालों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कई तरह की समस्याएं सामने आई हैं। डिप्रेशन, डिसऑर्डर, नशे, नकारात्मक विचारों से जूझ रही युवा पीढ़ी दिन-ब दिन कमजोर होती जा रही है। हम सब के विचारों में मानव कल्याण का भाव, मानसिक स्वास्थ्य, नकारात्मक विचारों की रोकथाम, शुद्ध आहार एवं योग विज्ञान के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक खतरों को पहचानने की समझ बहुत जरूरी है। मोबाइल का अधिक उपयोग, माता-पिता का अलगाव, वात्सल्य का अभाव, निरंतर होने वाली नकारात्मक सामाजिक गतिविधियां मानसिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव ला रही हैं। एमजीएम के आयोजन में डॉ. अमरेश श्रीवास्तव की मानसिक स्वास्थ्य पर लिखी बुक सीरीज का विमोचन किया जाएगा। इस सीरीज में कुल 10 किताबें हैं जिनका उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को हर परिस्थिति के लिए मानसिक रूप से सशक्त करना है।
10 किताबों में समाहित किए मानसिक स्वास्थ्य के कई विषय
द बैटल विथिन- अनवेइलिंग लाइफ्स चैलेंज्स
डिप्रेशन- फैक्ट्स यू मस्ट नो
हैंडल लाइफ विथ केयर
एम्पॉवरिंग माइंडस
माइंड साइंसेज- मेकिंग स्टूडेंट लाइफ इजी
असेसमेंट ऑफ़ मेंटल स्टेट
पेरेंट्स, लेट्स टॉक
मेकिंग करियर चॉइस
साइंस ऑफ़ सक्सेस
सेक्रेड रेजोनेंस