महू के सैन्य क्षेत्र में भी तेंदुआ देखा गया।
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इंदौर के समीप महू के जंगलों में बाघ और तेंदुए की मौजूदगी ने ग्रामीणों को परेशानी में डाल रखा है। वे खेतों और जंगलों में अकेले जाने से डर रहे हैं। तेंदुआ अपने दो बच्चों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में नजर आ रहा है। उसने शनिवार को बकरियों का शिकार भी किया।
रात में किया हमला, छह बकरियां मरी मिलीं
रात को तेंदुए का ग्रामीण क्षेत्र में होने का पता चलने पर वन विभाग का दल वहां पहुंचा। महू गांव के पास रात को तेंदुए ने छह बकरियों पर हमला किया, जिसकी पुष्टि वन विभाग ने की। तेंदुए ने दो बकरियों को घायल भी किया।पशु मालिक को वन विभाग बकरियों की मौत के मामले में मुआवजा भी देगा।
गांव में मिले तेंदुए के पगमार्क
रहवासी रिहाना बी ने बताया कि रात को बाड़े में बकरियां सुरक्षित बंधी हुई थी। सुबह उठ कर हमने देखा तो छह बकरियां मरी हुई थीं और दो बकरियां लहुलूहान हालत में थीं। उन्हें महू के पशु चिकित्सालय में भेजा गया।
सूचना मिलने पर वन विभाग का अमला पहुंचा। विभाग को जगह-जगह तेंदुए के पगमार्क मिले हैं। जिससे स्पष्ट हुआ कि हमला तेंदुए ने ही किया। उधर शनिवार रात को वन विभाग के अमले को भी तेंदुआ जंगल में विचरण करते नजर आया।
तेंदुआ अपने बच्चों के साथ इसलिए ज्यादा आक्रामक
सुबह उसके फुटप्रिंट लिए गए। वन विभाग के अफसरों ने ग्रामीणों व चरवाहों से कहा कि वे अकेले पशु चराने जंगल में न जाएं। शाम होने से पहले गांव लौट आएं। वन विभाग का कहना है कि तेंदुआ अपने बच्चों के साथ है, इसलिए वह ज्यादा हमले करता है।