तिरुपति बालाजी के प्रसाद में मिलावट के विरोध में बुधवार को इंदौर के व्यंकटेश देव स्थान से बड़ी मार्च निकला। जिसमें हजारों की संख्या में साधु संत, सामाजिक संगठन व हिन्दू संगठनों ने भाग लिया। शाम चार निकले शांति मार्च निकाला गया। जिसमें रामानुजाचार्य नागोरिया पीठाधीश्वर स्वामी विष्णु प्रपन्नाचार्य महाराज भी शामिल हुए।
व्यंकटेशन देव स्थान से बुधवार शाम को मार्च निकाला। जिसमें बटुक आगे भगवा पताकाएं लेकर चल रहे थे। इसके बाद शामिल लोग हिन्दू समाज का अपमान, न सहेगा हिन्दूस्तान, मिलावट करने वालों को कड़ा दंड मिले जैसे नारे लगाए गए। ज्ञापन सौंप कर कहा गया कि दोषियों को चिन्हित कर कठोर दंड दिया जाए और धर्मस्थलों की व्यवस्था में प्रशासनिक दख़लंदाज़ी बंद की जाए। हमारी मांग है कि सरकार को धार्मिक देवस्थानों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
शांति मार्च में इतनी भीड़ शामिल हुई कि महूनाका, मोती तबेला मार्च का ट्रैफिक रोकना पड़ा। मार्च में वीर बगीची के पवनानंद महाराज, दत्त माउली संस्थान के अण्णा महाराज, अन्नपूर्णा आश्रम के संत जयेंद्रानंद महाराज, श्री रणजीत हनुमान मंदिर के पंडित दीपेश व्यास, खजराना गणेश मंदिर के पंडित अशोक भट्ट, हंस दास मठ के पवन शर्मा, गजासीन शनि मंदिर के संत दादू महाराज के साथ ही अनेक संत-महंत मौजूद रहे।