देवास के किसान कमल सिंह सेंधव का नेत्रदान किया गया।
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इंदौर के अस्पताल में देवास के किसान का नेत्रदान का संकल्प पूरा किया गया। अब उनकी दोनों आंखें दो लोगों का जीवन रोशन करेंगी। बेटे ने अपने पिता की मौत के बाद उनका ये संकल्प पूरा किया।
नेत्रदान सभी दानों में सर्वश्रेप्ठ है। इसी कथन को सार्थक करते हुए राजेश सेंधव पटेल ने अपने पिताजी की अंतिम इच्छाअनुसार उनका नेत्रदान करवाया। इंदौर के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में कई देहदान किए गए, लेकिन पहली बार नेत्रदान भी किया गया। बता दें कि देवास जिले के चापड़ा में रहने वाले 65 वर्षीय कमल सिंह सेधव किसान थे। 12 जून की रात में उनका हृदयघात से निधन हो गया था। उनके दोनों पुत्रों राजेश पटेल व सुरेन्द्र पटेल ने अपने पिताजी की नेत्रदान का संकल्प को पूरा करने की बात की। उन्होंने बताया कि पिता का संकल्प था कि मृत्यु उपरांत नेत्रों का दान किया जाए। दोनों बेटों ने इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के देहदान अधिकारी राज गोयल और जीतू बगानी से विचार विमर्श किया। शंकरा आई बैंक से बात कर नेत्रदान करवाया। अब उनकी आंखें दो जरूरतमंदों के काम आ सकेंगी।