इंदौर में न्याय नगर की सात एकड़ जमीन पर बने 77 मकानों को बरसते पानी में हटाने पहुंचे नगर निगम के अमले को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। सैकड़ों महिलाएं सड़क पर आ गई और बुलडोजर के सामने खड़ी हो गई।
अफसर कोर्ट के आदेश का हवाला देकर मकान तोड़ने पर आमदा थे। आखिरकार निर्माणाधीन मकानों को हटाने पर सहमति बनी। जिन मकानों में लोग रह रहे है,फिलहाल उन्हें नहीं तोड़ा गया, लेकिन उन्हें स्वेच्छा से मकान हटाने के नोटिस नगर निगम द्वारा पहले ही दिए जा चुके है। शुक्रवार को आठ मकान तोड़े गए।
97 मकानों पर स्टे
खजराना क्षेत्र के समीप न्याय नगर की सात एकड़ जमीन का विवाद 20 साल पुराना हैै। पहले यह जमीन इंदौर विकास प्राधिकरण की स्कीम में शामिल थी। फिर जमीन मुक्त हो गई।
इस जमीन में छोटे प्लाॅट बेचने के लिए कई भूूमाफिया सक्रिय रहे। रहवासियों ने भी कोर्ट मेें याचिकाएं लगा रखी है। 97 मकानों पर कोर्ट स्टे है। जिन 77 मकानों पर स्टे नहीं था। उन्हेें नोटिस दिए गए थे। उन्हें तोड़ने ही सुबह अमला गया था, लेकिन विरोध के चलते खानापूर्ति कर अफसर चले आए।