सोमवार को दसवीं का पहला पर्चा हल करते स्टूडेंट
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इंदौर जिले के 137 केंद्रों पर सोमवार को दसवीं की परीक्षा का पहला पर्चा हुआ। 137 केंद्रों में से 28 संवेदनशील हैं। इंदौर में 49415 विद्यार्थी परीक्षा देने पहुंचे। परीक्षा शुरू होने के कुछ घंटे पहले सोशल मीडिया पर एक पर्चा डाउनलोड कर पेपर लीक होने की अफवाह चलने लगी। इससे हड़कंप मच गया। अफसरों ने इसकी जांच शुरू की तो पर्चा पिछले साल का निकला। उसे एडिट कर बदला गया और कोड भी गलत निकला।
अफसरों ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल पर्चा फर्जी है। पेपर लीक नहीं हुआ है। इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी मंगलेश व्यास का कहना था कि 9:45 पर उन्हें वॉट्सअप पर पर्चा लीक होने की सूचना मिली। उस पर्चे को सोमवार को छात्रों को परीक्षा में दिए गए पेपर से मिलान किया गया। दोनों पर्चे मेल नहीं खा रहे थे। किसी शरारती तत्व ने पिछले साल के पर्चे को इस साल का बता कर वायरल किया है। हम इसका पता लगा रहे हैं। हिंदी का पेपर लीक नहीं हुआ है।
इस बार एडमिड कार्ड पर क्यूआर कोड
नकल रोकने के लिए इस बार एडमिट कार्ड पर क्यूआर कोड लगाए गए। जिसे स्कैन करने पर विद्यार्थी का नाम फोटो, माता-पिता का नाम सहित पूरी जानकारी आ जाएगी। इस बार केंद्राध्यक्ष भी मोबाइल नहीं रख सकेंगे। हर केंद्र पर कलेक्टर प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। पहले पांच सेंटरों पर एक प्रतिनिधि होता था।