नए साल का जश्न मनाने के लिए कई लोग खजराना गणेश मंदिर भी आते है। उन भक्तों के लिए रात 12 बजे मंदिर में विशेष आरती होगी, लेकिन मंदिर में 31 दिसंबर को रात 11 बजे प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। एक जनवरी को सुबह पांच बजे से मंदिर दर्शन के लिए खुलेगा।
दो साल तक कोरोना की वजह से नए साल के पहले दिन मंदिर में भीड़ नहीं जुट रही थी, लेकिन इस साल एक जनवरी को रविवार भी है। मंदिर प्रशासन का मानना है कि इस साल दो लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ मंदिर में जुट सकती है। इसके चलते दर्शन व्यवस्था और पाकिंग व्यवस्था में विशेष बदलाव किए जाएंगे।भक्तों को चार-चार की कतार में चलित दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। दर्शन व्यवस्था इस तरह से होगी कि कितनी भी भीड़ होने पर भक्त को 45 मिनिट के भीतर दर्शन हो जाएंगे।
गर्भगृह में भक्तों का प्रवेश बंद रहेगा
31 दिसंबर की रात 11 बजे मंदिर में प्रवेश बंद रहेगा और एक जनवरी को भक्तों के दर्शन के लिए मंदिर सुबह पांच बजे खोले जाएंगे। 31 दिसंबर की रात 12 बजे होने वाली आरती मंदिर के पुजारियों द्वारा की जाएगी। पुजारी अशोक भट्ट ने बताया कि एक जनवरी को भक्तों को प्रवेश काली मंदिर खजराना वाले मार्ग से दिया जाएगा जबकि निकासी गोयल विहार की तरफ से होगी। चार-चार की कतार में भगवान के चलित दर्शन होंगे। मंदिर चार थानों का पुलिस बल तैनात होगा। इसके अलावा मंदिर के 60 कर्मचारी भी दर्शन व्यवस्था में सहयोग देंगे। मंदिर की दो एकड़ भूमि पर भी पार्किंग की अलग से व्यवस्था की जा रही है।
तिल चतुर्थी मेला 10 जनवरी से
खजराना गणेश मंदिर में तीन दिनी तिल चतुर्थी मेला 10 से 12 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर भगवान को दो करोड़ रुपये के स्वर्ण आभूषण से सजाया। इसके साथ ही सवा लाख लड्डुओं का भोग लगेगा। तीनों दिन भजन संध्या होगी।