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इंदौर: प्रशासन की सख्ती, डायरी पर सौदा करने वाले कॉलोनाइजरों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

Sat, 18 Dec 2021 02:02 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में भूमाफियाओं के खिलाफ प्रशासन सख्त रवैया अपना रहा है। डायरी पर प्लॉटों का सौदा करने और विकास संबंधी शर्तों को पूरा नहीं करने के मामले में ब्लूमबर्ग कॉलोनी काटने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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इंदौर में भूमाफियाओं के खिलाफ प्रशासन सख्त रवैया अपना रहा है। पिछले दिनों हुई कार्रवाई के बाद प्रशासन अब फिर एक्शन में आया है। डायरी पर प्लॉटों का सौदा करने और विकास संबंधी शर्तों को पूरा नहीं करने के मामले में ब्लूमबर्ग कॉलोनी काटने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
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ब्लूमबर्ग सुपर कॉरिडोर पर कटने वाली पहली कॉलोनी है। इसके संचालक प्रफुल्ल सकलेचा सहित रामेश्वर गुड्डा पटेल, अशोक शर्मा, विवेक राठी, मयंक, रजनीश जैन, अनिल कुमार जैन, डॉ. अरुण जैन के खिलाफ कलेक्टर के आदेश पर हातोद थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। डायरी पर ही प्लॉटों का सौदा और रजिस्ट्री कर दी गई थी। कलेक्टर मनीष सिंह को इस संबंध में शिकायत मिली थी। शिकायत की जांच के बाद ये सही निकली, जिसके बाद कलेक्टर ने एफआईआर के आदेश दिए।

न रुपये मिले न जमीन, डायरी पर ही हैं हस्ताक्षर
हातोद के सोनगीर में  वर्ष 2012 में ब्लूमबर्ग कॉलोनी काटी गई। जिन लोगों ने शिकायत की उनके पास सिर्फ डायरी है। इसमें संचालक प्रफुल्ल  सकलेचा के हस्ताक्षर हैं। शिकायतकर्ताओं को आज तक न तो राशि वापस मिली और न ही जमीन मिली। रेशो डील करने वाले पटेल ने कहा कि मुझे भी सकलेचा ने जमीन के 14.50 करोड़ के बदले केवल 90 लाख ही दिए।
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एक अन्य मामले में अपर कलेक्टर ने पार्श्वनाथ गृह निर्माण संस्था के अध्यक्ष को नोटिस दिया है। आरोप है कि संस्था की जमीन नौ लोगों को खेती की बताकर बेच दी गई। इनका नामांतरण 2015 से 2021 के बीच हुआ। जब मौके पर जाकर देखा गया तो कोई विकास कार्य नहीं पाया गया। इस मामले में 25 दिसंबर को पेश होकर जवाब देने के आदेश दिए हैं।

संस्था करतार की जमीन धोखाधड़ी के मामले में अपर कलेक्टर न्यायालय ने संस्था के तत्कालीन अध्यक्ष नटवर नागर के साथ ही जमीन खरीदने वाली कंपनी समता कंस्ट्रक्शन के पूर्व डायरेक्टर अजय अग्रवाल, समता जैन पति दीपक उर्फ मद्दा जैन और वर्तमान में डायरेक्टर सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इधर संस्था की बिचौली हप्सी की 1.7 हेक्टेयर जमीन को 2007 में 70 लाख 27 हजार में समता कंस्ट्रक्शन के तत्कालीन डायरेक्टर कमलेश वेद को बेच दिया गया। इस जमीन को खेती की बताकर बेचा गया। इसमें स्टाम्प ड्यूटी की चोरी हुई। इस मामले में भी सभी को 24 दिसंबर को जवाब देने के लिए बुलाया है।
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