इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय (चिड़ियाघर) में अब इजराइल का जेब्रा नजर आएगा। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। यदि जेब्रा यहां आता है तो यह अपनी तरह का पहला चिड़ियाघर होगा क्योंकि संभवतः प्रदेश के किसी भी चिड़ियाघर में दुर्लभ प्रजाति का जेब्रा नहीं है।
जानकारी के अनुसार मुंबई के चिड़ियाघर ने इजराइल की किसी फर्म के माध्यम से जेब्रा बुलवाए हैं। जैसे ही ये जेब्रा मुंबई पहुंचेंगे तो वहां से एक जोड़ा इंदौर चिड़ियाघर के लिए आएगा। बदले में इंदौर चिड़ियाघर द्वारा दूसरे वन्यजीव वहां भेजे जाएंगे। कहा जा रहा है कि कुछ महीनों पहले मुंबई चिड़ियाघर के अधिकारियों से इस संबंध में इंदौर चिड़ियाघर प्रबंधन की चर्चा हुई थी। इसके बाद वहां से जेब्रा लाए जाने पर सहमति बन गई है। मुंबई चिड़ियाघर किसी फर्म के माध्यम से इजराइल से जेब्रा के कुछ जोड़े बुलवा रहा है। इनमें से एक जोड़ा इंदौर के प्राणी संग्रहालय को दिया जाएगा। इंदौर चिड़ियाघर के प्रभारी अधिकारी डॉ. उत्तम यादव का कहना है कि जल्द ही जेब्रा इंदौर लाया जाएगा और बदले में यहां से वन्य प्राणी भेजे जाएंगे। इस प्रस्ताव पर सहमति हो गई है। जैसे ही जेब्रा मुंबई आते हैं तो इसका प्रस्ताव सेंट्रल जू अथॉरिटी को भेजा जाएगा और वहां से अनुमति मिलने के बाद प्रक्रिया पूरी की जाएगी। गौरतलब है कि वर्तमान में इंदौर के चिड़ियाघर में सफेद मोर, पेलिकन, करन तोता, लव बर्ड, लाल मुंह वाला तोता, टर्की, बदक, जंगली मुर्गी, ग्रीन ब्लू फ्रंटेड अमेजॉन, बर्न आउल, इजिप्शियन वल्चर, ब्लैक काइट, सारस तोता, मोर, घड़ियाल, मॉनिटर लिजर्ड, मगरमच्छ, इंडियन रॉक पाइथन, स्टार कछुआ, हाथी, दरियाई घोड़ा, कृष्णमृग, चिंकारा, सांभर, नीलगाय, चित्तीदार हिरण, बंगाल टाइगर, एशियन शेर, चीता, जंगली बिल्ली, सियार, जंगली कुत्ते, हायना, भेड़िये, लाल व काले मुंह के बंदर, रीछ, नेवला आदि प्रकार के जीव-जंतु हैं।