मध्यप्रदेश के उज्जैन में ठगी की घटना।
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कार लोन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने कार खरीदी नहीं और लोन हो गया। रुपये भी कटने लगे। जब फर्जीवाड़े का पता चला तो उसने पुलिस से शिकायत की। धोखाधड़ी करने वाले के खिलाफ पूर्व में भी इस तरह की शिकायतें हुई हैं।
जानकारी के मुताबिक निपानिया स्थित अमृत पैलेस में रहने वाले विशाल परेता ने तिरुमाला निवासी नवीन सिंगनोतिया के खिलाफ लसूड़िया थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया है। विशाल ने बताया कि अपोलो डीबी सिटी के पास उनकी पत्नी का फिजियोथैरेपी सेंटर है। नवीन वहां पर इलाज के लिए आया था। उसने पत्नी से कहा था कि वह बैंक में एजेंट है और लोन दिलवाने का काम करता है। लोन की जरूरत थी लेकिन उसे बताया था कि सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया में लोन चल रहा है, एलआईसी में लोन ट्रांसफर करवाना चाहते हैं। इस पर नवीन ने उनको झांसे में लिया और कहा कि वह लोन ट्रांसफर करवा देगा।
सिबिल स्कोर अच्छा नहीं होने का बनाया बहाना
कुछ दिन के बाद नवीन ने कहा कि सिबिल स्कोर अच्छा नहीं है इसके लिए एक कार लोन लेना पड़ेगा। पुरानी कार पर लोन हो जाएगा। इसके बाद पुरानी कार दिलवाने के नाम पर कागजात लिए और कहा कि जिस बैंक से कम ब्याज दर पर लोन मिलेगा उससे करवा देंगे और कार खरीद लेंगे। बाद में तीन बैंकों के फॉर्म पर हस्ताक्षर करवा लिए। कुछ दिन बाद विशाल के खाते से रुपये कटने लगे। फरियादी ने आईके बैंक से संपर्क किया तो पता चला कि उनका लोन हो गया है।
तीन बैंकों से 16 लाख का लिया लोन
नवीन से बात की तो उसने कहा कि वह लोन के रुपये लौटा देगा। बाद में नवीन ने एक लाख रुपये लौटाए और दो महीने का समय मांगा। इस बीच उसने एचडीएफसी और एक्सिस बैंक से भी लोन निकाल लिया। तीनों बैंकों से करीब सोलह लाख रुपये का लोन लिया। शिकायत के बाद पुलिस ने नवीन को थाने बुलाया। उसने कहा कि दो माह में रुपये लौटा देगा लेकिन ऐसा नहीं किया। बाद में विशाल ने इसकी शिकायत की और केस दर्ज करवाया। विशाल का कहना है कि कार खरीदी ही नहीं और बैंक से रुपये निकल गए। बैंक प्रबंधन ने बिना जांच के कैसे लोन दे दिया। इसमें बैंक के अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।
कई लोगों को ठग चुका है
इस मामले में विशाल ने बैंकों में पता किया तो आईके फायनेंस से चार लाख, एक्सिस बैंक से साढे़ छह लाख और एचडीएफसी बैंक से साढ़े पांच लाख का लोन लिया गया है। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि विशाल और उसकी पत्नी पर तीन बैंकों ने करीब चालीस लाख रुपये की रिकवरी निकाली है। नवीन के बारे में पता चला है कि वह और लोगों को भी ठग चुका है। उसके खिलाफ पहले से शिकायतें हैं। नवीन के खिलाफ आईके बैंक में पहले भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं जिनकी जांच चल रही है। एचडीएफसी और एक्सिस बैंक में भी शिकायतें हैं। पुलिस को जानकारी मिली है कि नवीन की बैंक में अच्छी पकड़ है। इसके चलते पुलिस अब बैंकों के अधिकारियों से भी पूछताछ कर रही है। किसी अधिकारी की संलिप्तता पाई गई तो उन पर भी कार्रवाई होगी।