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इंदौर: बायो डीजल फर्म पर छापा, डेढ़ करोड़ से अधिक सरेंडर... दूसरे मामले में जीएसटी की टीमों ने भी की कार्रवाई

Sun, 12 Dec 2021 08:31 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

वाणिज्यिक कर विभाग ने बायो डीजल की फर्म पर छापे मारे। फर्म से सैकड़ों कच्चे बिल सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। दूसरी कार्रवाई जीएसटी विभाग की टीम ने की। दो कंपनियों पर छापे मारे। 
 
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वस्तु एवं सेवा कर - फोटो : iStock
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विस्तार
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वाणिज्यिक कर विभाग ने बायो डीजल की फर्म पर छापे मारे। फर्म से सैकड़ों कच्चे बिल सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। दूसरी कार्रवाई जीएसटी विभाग की टीम ने की। दो कंपनियों पर छापे मारे। 
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आयुक्त लोकेश जाटव के आदेश पर एंटीविजन विंग बी के अधिकारियों ने पलासिया स्थित फ्यूचर जनरेशन प्राइवेट लिमिटेड व इसी फर्म की इंडियन बायो फ्यूल कंपनी पर छापामार कार्रवाई की। मौके से कम्प्यूटर, लैपटॉप और कच्चे बिल सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए गए। सूत्रों के अनुसार शुरुआती जांच में करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी के प्रमाण मिले हैं। जांच में पता चला है कि दोनों फर्मों द्वारा कच्चे बिलों के जरिए बायो डीजल बेचा गया है। बड़ी कंपनियों, छोटे-छोटे डीलरों को भी कच्चे बिल के जरिए माल बेचा गया है। छानबीन के बाद विभाग ने 1 करोड़ 68 लाख रुपए सरेंडर करवाए हैं।  कहा जा रहा है कि कंपनियों से जब्त दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली है। इनकी पड़ताल की जा रही है। विभाग द्वारा पता लगाया जा रहा है कि कच्चे बिलों के जरिए कहां व किनको माल बेचा गया है। 

जीएसटी की टीमों ने की छापामार कार्रवाई
इधर जीएसटी की टीमों ने तिलक पथ स्थित जीएचएन व शिव विलास पैलेस स्थित सनराइज एण्ड कंपनी पर छापामार कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि दोनों कंपनियों का करोड़ों का कारोबार मिला है। विभाग ने जीएनएन से शुरुआती दौर में डेढ़ करोड़ रु. की पैनल्टी भरवाई है। कंपनी से शपथ पत्र भी भरवाया है कि अभी जो जांच चल रही है उसमें कर्ताधर्ता-कर्मचारी टीम को पूरा सहयोग करेंगे। टैक्स चोरी की आशंका में जांच की जा रही है। यह कहा जा रहा है कि ये आढ़तियां कंपनियों इंदौर सहित अन्य राज्यों के व्यापारियों से माल खरीदती है जिसमें अन्य कारोबारियों के नाम, पते, खाता नंबर मिले हैं। यह भी जानकारी मिल रही है कि जीएसटी और ई-वे बिल को लेकर कपड़ा व्यापारी महासंघ विरोध कर रहा है। एक-दो दिन में व्यापारियों की बड़ी बैठक रखी गई है। इसमें कपड़े पर 5 फीसदी की जगह 12 फीसदी जीएसटी करने तथा मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 50 हजार रु. से अधिक की खरीदी पर ई-वे बिल लागू करने के विरोध में चर्चा होगी। 
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