मध्यप्रदेश के इंदौर में नकली पुलिस अफसर और छोटू महाराज के बीच संबंध के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार छोटू महराज कोई पुरुष नहीं बल्कि एक महिला है जिसका नाम सीमा नंदगिरी है और वह 50 वर्ष की है। वह इंदौर के आंबेडकर नगर में कई सालों से रह रही थी। उसका एक बेटा और बेटी हैं, जिसकी शादी हो गई है। बच्चों की शादी के कुछ साल बाद वह अपने पति से अलग रहने लगी। वह पांच सालों तक बाबा के रूप में अपने मोहल्ले में तंत्र-मंत्र का खेल करती रही। पुलिस की गिरफ्त में छोटू महाराज के साथ काम करने वाला विष्णु नामक आरोपी भी गिरफ्तार हुआ है।
रवि सोलंकी को बनाया बेटा और करने लगी फर्जीवारा
वहीं नकली पुलिस अफसर बने रवि सोलंकी को लेकर भी बड़ा खुलासा हुआ है। रवि भी आश्रम में सीमा व छोटू महाराज के बेटा के रूप में रहता था। रवि को आश्रम में IPS अफसर के रूप में पेश किया जाता था। एसपी आशुतोष बागरी ने खुलासा करते हुए बताया कि आश्रम आने वाली युवती और युवकों को पुलिस और रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता था। इसके लिए वह रवि सोलंकी को आगे करती। कई युवतियों को नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए ठगा गया है। एक अन्य युवक को भी रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर तीन लाख रुपए ऐंठ लिए थे।
व्हाट्सएप चैट से हुआ खुलासा
इंदौर पुलिस ने जब रवि के मोबाइल को खंगाला तो हैरान रह गई। उसके चैट में अब तक 10 से अधिक युवतियां के मेसेज सामने आए हैं, जिनसे नौकरी के नाम पर ठगी हुई है। वहीं मामले में दो महिलाएं भी पुलिस के सामने आई हैं। एक महिला से होमगार्ड बनाने के नाम पर एक लाख रुपए लिए थे। एक महिला को हवलदार बनाने के नाम पर दो लाख रुपए ले लिए। पुलिस टीम जब छोटू महाराज के अड्डे पर पहुंची तो वहां तीन जिंदा उल्लू के साथ ही तंत्र क्रिया से संबंधित कई वस्तुएं मिलीं। माना जा रहा है रवि और छोटू महाराज मिलकर लोगों को तंत्र क्रिया के नाम पर पर लोगों को ठगते थे।