इस तरह लगाए हैं सीएम लापता के पोस्टर।
- फोटो : सोशल मीडिया
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लापता हो गए हैं। जो उन तक बात पहुंचाएगा उसे दुआ मिलेगी। यह उस पोस्टर में लिखा है जो इंदौर में लगे हैं। छात्रों ने सीएम लापता के पोस्टर लगाए हैं और उन तक बात पहुंचाने की बात लिखी है। एमपीपीएससी के अभ्यर्थियों ने ये पोस्टर लगाए हैं।
दरअसल, इंदौर के विभिन्न क्षेत्रों में एमपीपीएससी, पीईबी के अभ्यर्थियों ने सीएम लापता होने के पोस्टर लगवाए हैं। पोस्टरों में लिखी बातों से छात्रों का दर्द भी झलका है कि वे कितने व्यथित हैं। सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि पोस्टर के माध्यम से उनकी मांग सीएम शिवराज सिंह तक पहुंचे और उनकी मांगों का निराकरण हो सके। इंदौर के अलावा प्रदेश के अन्य शहरों में पोस्टर लगाए जाने का अभियान चलाया जाएगा। इंदौर के भंवरकुआं, चितावद, भोलाराम उस्ताद मार्ग सहित उन क्षेत्रों में ये पोस्टर लगाए गए हैं जहां अधिकांश विद्यार्थियों का निवास है और वे इन इलाकों में रहकर पढ़ाई करते हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि मांगे पूरी नहीं होने से कई अभ्यर्थी मानसिक रूप से परेशान है।
छात्रों के लिए लापता हुए मामा, न वैकेंसी न रिजल्ट
अभ्यर्थियों ने पोस्टरों में लिखा है कि छात्रों के लिए मामा हुए लापता। मामा लापता है, छात्रों को मिल नहीं रहे हैं न ही छात्रों की आवाज सुन रहे हैं। चार साल से वैकेंसी नहीं निकलवा रहे हैं। एमपीपीएससी 2019-20 का रिजल्ट नहीं आ रहा है। एमपीपीएससी 2021 की वैकेंसी का भी कोई पता नहीं है। पीईबी की भर्तियां तीन-चार साल से नहीं निकल रही हैं। इससे सरकारी भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र डिप्रेशन में है। जिसे भी मामाजी दिखे, उन्हें ये जानकारी दें। जो भी मामा तक हमारी बात पहुंचाएगा उसे लाखों अभ्यर्थियों की दुआएं लगेंगी (बेरोजगार हैं, पैसे नहीं है हमारे पास)। आखिरी में लिखा है कि नो रिजल्ट नो वोट। नो वैकेंसी नो वोट। अलग-अलग इलाकों में लगे ये पोस्टर चर्चाओं में है और लोग चुटकियां भी ले रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे मांगों को लेकर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी कर चुके हैं मगर उनकी मांगों का निराकरण नहीं हुआ है।