इंदौर में सिंधी समाज के 101 लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान की गई।
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इंदौर जिले में पाकिस्तान से आए सिंधी समाज के 101 लोगों को भारत की नागरिकता मिल गई है। प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा तथा जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट की उपस्थिति में इंदौर के जाल सभागृह में आयोजित समारोह में इन लोगों को भारत की नागरिकता संबंधी प्रमाण-पत्र सौंपे गए। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि व समाजजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सिंधी समाज में एकता का बेहतर उदाहरण देखने को मिलता है। उनकी अपनी विशेष संस्कृति एवं सभ्यता है। देश में इनकी विशेष पहचान है। व्यापार को तरक्की देने में सिंधी समाज मील का पत्थर है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि उनका सिंधी समाज से गहरा नाता और जुड़ाव है। मुझे सिंधी भाषा लिखना, पढ़ना और बोलना बहुत अच्छी तरीके से आती है। आज भी मुझे सिंधी भाषा की पूरी बारह खडी (वर्णमाला) याद है। सिंधी समाज की समस्याओं को मैं गहराई से समझता हूं।
उन्होंने कहा कि मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद सिंधी समाज की पीड़ा कम हुई है। उन्होंने इस समाज की पीड़ा को समझा है और नागरिकता देने के कानून को सरल बनाया है। आज यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि एक साथ सिंधी समाज के 101 लोगों को भारत की नागरिकता मिली है, यह हमारे लिए गौरव और हर्ष का विषय है।
पाकिस्तान की प्रताड़ना से मिली मुक्ति
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि वर्तमान केंद्र तथा राज्य सरकारों द्वारा असंभव कार्यों को भी संभव किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के प्रयासों से नागरिकता के कानून को सरल बनाया गया है। सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि नागरिकता दिए जाने के कानून को सरल बनाने की मांग वर्षों से की जा रही थी। नागरिकता के कानून को सरल बनाये जाने से भारत आए सिंधी समाज के लोगों को पाकिस्तान की प्रताड़ना से मुक्ति मिल रही है। कलेक्टर कार्यालय में नागरिकता संबंधी प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। पूज्य जेकब आबाद सिंधी पंचायत ट्रस्ट के अध्यक्ष राजा मांदवानी ने कहा कि नागरिकता संबंधी कानून के सरलीकरण से हमें लाभ मिल रहा है। इस कानून के सरलीकरण से हमें सहजता के साथ नागरिकता मिल रही है।