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Gwalior: BSF एकेडमी टेकनपुर से गायब दोनों महिला इंस्ट्रक्टर बांग्लादेश बॉर्डर पर मिलीं, जानें क्या है मामला

Fri, 12 Jul 2024 09:32 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, ग्वालियर

सार

टेकनपुर स्थित ट्रेनिंग एकेडमी से 36 दिन पहले अचानक ड्यूटी से बिना बताए लापता हुई दो महिला प्रशिक्षकों का पता लग गया है। दोनों बांग्लादेश की सीमा पर मिली हैं। अभी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के अधिकारी और खुफिया एजेंसी ही इनसे पूछताछ कर रही हैं।
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दोनों महिला इंस्ट्रक्टर आकांक्षा और शहाना - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सीमा सुरक्षा बल (BSF) की टेकनपुर स्थित ट्रेनिंग एकेडमी से  36 दिन पहले अचानक और संदिग्ध ढंग से गायब हुईं दो महिला प्रशिक्षकों का पता लग गया है। दोनों बांग्लादेश की सीमा पर मिली हैं। ये दोनों 36 दिन पहले अचानक ड्यूटी से बिना बताए लापता हो गईं थीं। इनमें से एक प्रशिक्षक की मां ने दूसरी प्रशिक्षक के खिलाफ बिलौआ थाने में किडनैपिंग का मामला भी दर्ज कराया था। तब से बीएसएफ, ग्वालियर पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियां लगातार इनकी खोजबीन में जुटी थीं। 
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ग्वालियर एसपी ने इनके मिलने की पुष्टि की। पुलिस की टीम और बीएसएफ की संयुक्त टीम को साझा ऑपरेशन के जरिये इन तक पहुंचने में सफलता मिलने की खबर है। अभी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के अधिकारी और खुफिया एजेंसी ही इनसे पूछताछ कर रही हैं। ग्वालियर पुलिस की टीम ने भी पूछताछ की है। यह भी बताया गया कि दोनों स्वयं ही पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बीएसएफ के कैम्प ऑफिस में पहुंच गईं। उन्होंने बताया कि वे अपनी मर्जी से गई थीं। इनसे वहीं अभी पूछताछ चल रही है। यहां से गई टीम अभी इनको लेकर ग्वालियर के लिए रवाना नहीं हुई है। सूत्रों की मानें तो शनिवार तक टीम इन्हें ग्वालियर के लिए लेकर आ सकती है। 

यहां बता दें कि ग्वालियर के टेकनपुर में स्थित बीएसएफ अकादमी में सहायक प्रशिक्षण केंद्र में पदस्थ महिला प्रशिक्षक शहाना खातून निवासी मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल और आकांक्षा निखर निवासी जबलपुर छह जून को अचानक रहस्यमय ढंग से अकादमी से लापता हो गई थीं। पहले तो इनकी गुमशुदगी क़ायम हुई थी। फिर आकांक्षा की मां उर्मिला निखार ग्वालियर के एसपी ऑफिस में जनसुनवाई में शिकायत लेकर पहुंचीं। उर्मिला ने शहाना और उसके परिजनों पर उनकी बेटी को बरगलाकर अगवाकर ले जाने का आरोप लगाया। जांच में दोनों रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में भी साथ-साथ नजर आई थीं। इस मामले में शहाना खातून पर बिलौआ थाना पुलिस ने अपहरण की एफआईआर दर्ज की थी। 
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दोनों की लोकेशन बांग्लादेश ऑर्डर के आसपास के जिलों में मिली। ग्वालियर से बिलौआ थाना प्रभारी अभय सिंह परमार और उनकी टीम को भेजा गया। मामला बार्डर सिक्योरिटी फोर्स से जुड़ा था, इसलिए खुफिया एजेंसी से लेकर डिफेंस इंटेलिजेंस और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के अधिकारी भी पड़ताल में जुट गए। बांग्लादेश बॉर्डर पर भी अलर्ट था। इनकी तलाश बांग्लादेश बॉर्डर पर चल रही थी, क्योंकि इनकी लास्ट लोकेशन भी यहीं मिली थी।

पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक आकांक्षा से पूछताछ की गई तो उसने पारिवारिक परेशानी के कारण जाने की बात बताई है। अपहरण और बरगलाकर ले जाने की बात को लेकर भी पूछताछ चल रही है। ग्वालियर के एसपी धर्मवीर सिंह ने दोनों के मिलने की पुष्टि की। सिंह ने बताया कि दोनों युवतियां स्वयं बीएसएफ के पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद स्थित केम्प ऑफिस में उपस्थित हो गई थीं। उन्होंने पूछताछ में बताया कि वे अपनी मानसिक और निजी परेशानी के कारण टेकनपुर से यहां साथ-साथ चली आई थीं। एसपी का कहना है कि इनके द्वारा या इनके साथ कोई अपराध कारित करना नहीं पाया गया। 
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