राजा पटेरिया गुरुवार का कहना है कि जेल जाने से तो मुझे फायदा ही हुआ। मुझे शुगर थी, जो कम हो गई, मेरा वजन कम हो गया। मैं 71 के समाजवादी आंदोलन की औलाद हूं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'हत्या' संबंधी टिप्पणी करने वाले मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजा पटेरिया गुरुवार को पेशी पर कोर्ट पहुंचे। एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई थी। जमानत मिलने के बाद पहली बार पेशी पर आए राजा पटेरिया ने फिर अपने अंदाज में बयान दिया है। उन्होंने इसे विचारों का युद्ध बताया। कोर्ट ने राजा पटेरिया की मांग पर मामले की अगली सुनवाई आगे बढ़ा दी। अब 18 अप्रैल को राजा पटेरिया को जबाब देना होगा।
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बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर लंबे समय तक जेल में रहकर छूटे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री राजा पटेरिया ने ग्वालियर एमपी-एमएलए कोर्ट में पहुंचे थे। इस दौरान पटेरिया ने कहा कि मामला कोर्ट में विचारधीन है तो उस पर ज्यादा बोलना उचित नहीं होगा। मैंने जो बोला, और उन्होंने उसको क्या समझा यह अलग बात है। यह लड़ाई विचारधारा की है। मैं गांधी, नेहरू, लोहिया और आंबेडकर का घोर अनुयायी हूं। और इनके दर्शन में हिंसा को न कोई स्थान कभी था है और न है। एक तरफ गांधी, अंबेडकर हैं और दूसरी तरफ गोलवलकर, गोडसे, सावरकर और हिटलर की विचारधारा है। ये तो विचारों का युद्ध है। यह आईडियोलॉजिकल वॉर है।
उन्होंने जेल यात्रा पर कहा कि मैं न्यायालय का पूरा सम्मान करता हूं। मैं नौवीं बार जेल गया हूं। आठ बार पहले आंदोलनों के लिए जेल जा चुका हूं। जेल जाने से तो मुझे फायदा ही हुआ। मुझे शुगर थी, जो कम हो गई, मेरा वजन कम हो गया। मैं 71 के समाजवादी आंदोलन की औलाद हूं। 1991 में कांग्रेस में आया था। आज जब गांधी और नेहरू का मामला है तो मैं लड़ रहा हूं।
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अब 18 अप्रैल को होगी सुनवाई
पूर्व मंत्री राजा पटेरिया जमानत मिलने के बाद गुरुवार को पहली बार MP-MLA कोर्ट में पेश हुए। इस दौरान उन्होंने न्यायालय से अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा। उन्होंने अपने परिवार में कुछ लोगों की मृत्यु होने के चलते समय मांगा है। कोर्ट ने राजा पटेरिया की मांग पर विचार करने के बाद सुनवाई की तारीख बढ़ा दी है। मामले की अगली सुनवाई अब 18 अप्रैल को होगी और उसी दिन राजा पटेरिया को अपना जबाब देना होगा।
राजा पटेरिया ने पीएम पर विवादित टिप्पणी की थी।
- फोटो : सोशल मीडिया
क्या कहा था पटेरिया ने
बता दें कि 11 दिसंबर को पूर्व मंत्री राजा पटेरिया ने पन्ना जिले के मंडलम में कार्यकर्ताओं से बात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि 'मोदी इलेक्शन खत्म कर देगा। मोदी धर्म, जाति, भाषा के आधार पर बांट देगा। दलितों का, आदिवासियों का और अल्पसंख्यकों का भावी जीवन खतरे में है। संविधान अगर बचाना है तो मोदी की हत्या करने के लिए तत्पर रहो। हत्या इन द सेंस ... हराने के लिए तैयार रहो।' इसके बाद जब बवाल मचा तो पटेरिया ने अपने बयान पर अगले ही दिन माफी मांग ली।
इस टिप्पणी के बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ने पवई थाने में राजा पटेरिया के खिलाफ केस दर्ज कराया था। पुलिस ने विगत 13 दिसंबर को राजा पटेरिया को गिरफ्तार कर लिया था। पन्ना का एमपी-एमएलए कोर्ट ग्वालियर में उन पर मुकदमा ग्वालियर में ही पेश किया गया। लेकिन यहां से जमानत न मिलने से वे हाईकोर्ट जबलपुर गए, जहां से ढाई महीने जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत पर रिहाई मिली। राजा पटेरिया के खिलाफ पन्ना जिले के हटा थाने में दर्ज एफआईआर में आईपीसी की धारा 451 ,504 ,505 (1 )(बी ),505 (सी ),506 ,153 बी -1 -सी के तहत केस दर्ज किया गया है।
कौन हैं राजा पटेरिया?
राजा पटेरिया मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। वे मंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने 1998 में हट्टा विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की थी। 1998 से 2003 तक वे दिग्विजय सिंह की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। 2014 में राजा पटेरिया ने एमपी की खजुराहो सीट से लोकसभा चुनाव भी लड़ा था, लेकिन बीजेपी के नरेंद्र सिंह से हार गए थे।