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शर्मनाक: गुना के अस्पताल में बीमार बेटे को पीठ पर लादकर 200 मीटर चले पिता, एक्सरे कराने के लिए नहीं मिला स्ट्रेचर

Thu, 16 Sep 2021 02:21 PM IST
प्रशांत कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

सबसे खास बात इस दौरान राज्य स्तरीय कायाकल्प टीम अस्पताल का निरीक्षण कर रही थी। उनकी नजरों के सामने यह सब होता रहा, लेकिन टीम के कई अधिकारी या डॉक्टर ने इस बेबस व्यक्ति की मदद नहीं की। 
 
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पीठ पर लादकर बेटा को ले जाते पिता - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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गुना जिला अस्पताल में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां अपने बेटे का इलाज कराने पहुंचे पिता को स्ट्रेचर या वार्ड ब्वॉय की मदद नहीं मिलने से वह अपने बीमार बेटे को एक्स रे कराने के लिए इधर उधर भटकते रहे। जब उन्हें कोई मदद नहीं मिली तो अंत में अपने बीमार बेटे को पीठ पर लादकर एक्सरे कराने पहुंच गए। पिता अस्पताल की नई बिल्डिंग की पहली मंजिल से बच्चे को पीठ पर लादकर 200 मीटर दूर दूसरी बिल्डिंग में बने एक्सरे रूम में लेकर पहुंचे। सबसे खास बात इस दौरान राज्य स्तरीय कायाकल्प टीम अस्पताल का निरीक्षण कर रही थी। उनकी नजरों के सामने यह सब होता रहा, लेकिन टीम के कई अधिकारी या डॉक्टरों ने इस बेबस व्यक्ति की तरफ देखना भी उचित नहीं समझा। 

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बुखार आने पर डॉक्टरों ने जांच की दी थी सलाह
दरअसल, जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर म्याना इलाके के रहने वाले अमृत सेन के बेटे प्रदीप सेन को कई दिन से बुखार आ रहा था। उन्होंने गांव के डॉक्टरों से संपर्क किया, लेकिन फायदा नहीं हुआ। इसके बाद वे अपने बच्चे का इलाज कराने बुधवार को जिला अस्पताल पहुंचे थे। उनके बेटे को तेज बुखार था। सुबह बेटे को अस्पताल की नई बिल्डिंग में भर्ती कर दिया। वह पहली मंजिल स्थित जनरल वार्ड में भर्ती हुआ। इसके बाद डॉक्टर आये और उन्होंने कई जांच और एक्सरे कराने की सलाह दी। एक्सरे कक्ष पुरानी बिल्डिंग में बना हुआ है। नई बिल्डिंग से वह लगभग 200 मीटर दूर है। अमृत ने जल्दी में अपने बच्चे को पीठ पर लादा और एक्सरे कराने के लिए चल पड़े। पहली मंजिल से वे नीचे आये और फिर नई बिल्डिंग स्थित एक्सरे कक्ष तक पहुंचे। यहां एक्सरे कराने के लिए उन्हें दो कमरों में जाना पड़ा।

कायाकल्प की टीम के सामने हुआ सब
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक,  अमृत अपने बच्चे को पीठ पर लादकर एक्सरे कराने पहुंचे, उसी समय राज्य स्तरीय कायाकल्प टीम अस्पताल में पहुंची हुई थी। संयोग से उस समय टीम एक्सरे कक्ष का ही निरीक्षण कर रही थी। टीम के सामने ही यह सब होता रहा, पर टीम का ध्यान इस ओर नहीं गया। वहीं अस्पताल के कई डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारी इस दौरान टीम के साथ मौजूद थे, लेकिन उन्होंने भी इसको अनदेखा कर दिया। 

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