दमोह में निक्की नाम के एक किन्नर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी मां ने किन्नरों पर उसे घर से दूर रखने का आरोप लगाया है। हालांकि, किन्नरों ने सफाई में कहा कि हम तो कहते थे कि घर पर बात कर लें। लेकिन वह कहता था कि घर नहीं जाऊंगा। भाई पीटता है।
दमोह के कोतवाली थाना क्षेत्र के शोभानगर में रहने वाले किन्नर निक्की ने फांसी लगाकर जान दे दी। सोमवार दोपहर उसका शव फंदे पर लटका मिला। अन्य किन्नर जब बधाई लेकर घर पहुंचे तो उन्होंने निक्की को फांसी के फंदे पर झूलता देखा। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतरवाया। फिर पंचनामा की कार्यवाही के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। इस घटना के बाद अन्य किन्नर भी सकते में हैं क्योंकि पहली बार उनके किसी साथी ने आत्महत्या की है।
विज्ञापन
एक अन्य किन्नर शब्बो बुआ ने बताया कि सोमवार सुबह हम सभी लोग अपने-अपने क्षेत्र की बस्तियों में बधाई मांगने जा रहे थे। उन्होंने नकुल उर्फ निक्की किन्नर, उम्र-25 वर्ष, से भी साथ चलने को कहा था। उसने कहा कि हाथ में दर्द है, इसलिए वह नहीं जाएगा। यह कहने के बाद निक्की अपने कमरे में चला गया। अन्य किन्नर बस्ती में बधाई लेने निकल गए। दोपहर में जब वह लौटे, तो देखा कि निक्की अपने कमरे में फांसी के फंदे से झूल रहा था। इसके बाद शब्बो बुआ ने अन्य किन्नरों को जानकारी दी और स्थानीय लोगों को भी सूचित किया गया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। सूचना मिलने के बाद निक्की की मां भी घटनास्थल पहुंची। निक्की की मां का आरोप है कि वह घर आना चाहता था। घर वालों से बात करना चाहता था। पर उसे किन्नर रोकते थे। हालांकि, किन्नरों का कहना है कि यह झूठ है। हम तो निक्की को घर पर बात करने को कहते थे। वह हमेशा कहता था कि वह घर नहीं जाएगा। वहां भाई मारता है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।