शुक्रवार दोपहर रतनगढ़ व सेवढ़ा के जंगल में हुई एक मुठभेड़ में दतिया पुलिस ने यूपी व एमपी के संयुक्त इनामी दस्यु सरगना बालक दास को उसके एक साथी समेत मार गिराया।
65 हजार के इनामी बालक दास पर दोनों प्रांतों में पचास से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
दतिया पुलिस को सूचना मिली कि कुख्यात दस्यु सरगना बालक दास ढीमर अपने गिरोह के साथ रतनगढ़ व सेवढ़ा जंगल में मौजूद है, तथा किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है।
एक डाकू हुआ गिरफ्तार
पुलिस ने जंगल में घेराबंदी करके गैंग को आत्मसमर्पण के लिए ललकारा, पर डकैतों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस दल ने भी गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
पुलिस टीम द्वारा चलाई गई गोली से गिरोह का सरगना बालकदास ढीमर पुत्र हरदयाल निवासी जाखोली दबोह भिंड व दिनेश जाटव उर्फ भदौरिया निवासी अंधियारी गांव दबोह भिंड मौके पर ही ढेर हो गए।
गिरोह के एक अन्य सदस्य प्रेमा ढीमर निवासी सेवढ़ा को पुलिस ने भागते हुए दबोच लिया। दिनेश जाटव व प्रेमा ढीमर पर भी दतिया पुलिस की ओर से पांच-पांच हजार का इनाम है।
65 हजार का था ईनाम
मुठभेड़ की सूचना पर मौके पर पहुंचे चंबल रेंज के आईजी डीजी सागर ने बताया कि मारा गया डकैत सरगना बालकदास ढीमर ग्वालियर, भिंड, दतिया, झांसी, उरई, जालौन, कानपुर में अनेक आपराधिक मामलों में वांछित था।
बालकदास पर उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस ने 15 हजार, झांसी पुलिस ने 10 हजार, ग्वालियर पुलिस से 15 हजार और मप्र पुलिस के डीजीपी की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। इस तरह बालक दास कुल 65 हजार का इनामी था।
आईजी ने बताया कि मारे गए डकैतों के पास से कई आधुनिक हथियार, बंदूक, डांगरी, दैनिक उपयोग का सामान व एक सोलर पैनल बरामद किया गया है। पुलिस पकड़े गए डकैत प्रेमा ढ़ीमर से उसके अन्य साथियों का पता लगा रही है।
सोलर पैनल से चार्ज करते थे मोबाइल
इनामी डकैत सरगना बालकदास ढीमर ने अभी हाल ही में भाण्डेर के व्यापारी अशोक पटेल का अपहरण कर 50 लाख रुपये की फिरौती भी वसूली थी।
आईजी ने बताया कि बालकदास आजकल एमपी से अपहरण करके अपहृत को उत्तर प्रदेश में अपने गिरोह व पार्ट गैंग को दे देता था, ताकि फिरौती वसूलने तक एमपी पुलिस को चकमा दिया जा सके।
डकैत गिरोह मोबाइल चार्जिंग के लिए सोलर पैनल का उपयोग करता था। बालकदास ढीमर गैंग से भी सोलर पैनल बरामद किया गया है।