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जानिए आखिर क्या है व्यापमं घोटाला?

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व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) मध्य प्रदेश में उन पदों की भर्तियां करता है, जिनकी भर्तियां म.प्र. लोक सेवा आयोग नहीं करता। साथ ही ये म.प्र. पीएमटी के माध्यम से मेडिकल कालेजों में प्रवेश सूची तैयार करता है।
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व्यापम घोटाले में आरोप है कि कंप्यूटर सूची में हेराफेरी करके अनुचित तरीके से अपात्र लोगों को भर्ती कराया गया।

व्यापमं के माध्यम से संविदा शिक्षक वर्ग-1 और वर्ग-2 के अलावा कांस्टेबल, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी व नापतौल निरीक्षक आदि की भर्तियां की गईं।

1000 भर्तियां संदिग्ध

व्यापम की तमाम भर्तियों में से करीब 1000 भर्तियों को संदिग्ध माना गया है। इन संदिग्ध भर्तियों की जांच की जा रही है।

आईपीएस अधिकारी व डीआईजी आरके शिवहरे को गिरफ्तार किया गया है। उन पर आरोप है कि अपनी बेटी नेहा को प्री-पीजी मेडिकल में अनुचित तरीके से भर्ती कराया था।

अब तक पीएमटी परीक्षा में भर्तियों के मामले में अरबिंदो मेडिकल कॉलेज के विनोद भंडारी आदि को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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2013 में उछला था मामला

पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा और उनके ओएसडी ओपी शुक्ला गिरफ्तार किए जा चुके हैं। कांग्रेस ने हल्ला बोलते हुए कहा है कि भाजपा व संघ के कई नेताओं ने सिफारिश करके अनुचित तरीके से भर्तियां कराई हैं।

यह मामला करीब एक साल पहले 2013 में उछला था। धीरे-धीरे यह फैलता गया। म.प्र. उच्च न्यायालय की निगरानी में अब एसटीएफ इसकी जांच कर रहा है।
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