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जज्बा: डेढ़ साल की बेटी को साथ रख ड्यूटी कर रही थी डीएसपी, सीएम शिवराज ने देखा तो लौटकर आए

Wed, 20 Oct 2021 08:38 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीराजपुर

सार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जब यहां से वापस जाने लगे तब उनकी नजर खुद से अपनी बेटी को खुद से बांधे खड़ी डीएसपी मोनिका सिंह पर पड़ी।
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Dhar DSP - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कुछ लोग ऐसे होते हैं जो किसी भी हालात में अपने कर्तव्य से विमुख नहीं होते। इसकी बानगी है पुलिस विभाग में पदस्थ डीएसपी मोनिका सिंह। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलीराजपुर दौरे के दौरान डीएसपी मोनिका के जज्बे को देख सीएम शिवराज भी उनकी तारीफ़ किए बिना नहीं रह सके।

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दरअसल बुधवार को सीएम अलीराजपुर पहुंचे थे। व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात था। डीएसपी मोनिका सिंह अपनी डेढ़ साल की बेटी मायसा को साथ लेकर ड्यूटी कर रही थीं। उनकी ड्यूटी ग्राम झोडराड में हेलिपेड पर लगी थी। उनके घर में बच्ची को संभालने के लिए फिलहाल कोई नहीं है, ऐसे में वह अपनी बच्ची को दो दिन से अपने साथ रखकर अपनी ड्यूटी कर रही हैं।

सीएम की नजर पड़ी तो लौटकर आए
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जब यहां से वापस जाने लगे तब उनकी नजर खुद से अपनी बेटी को खुद से बांधे खड़ी डीएसपी मोनिका सिंह पर पड़ी। वे हेलीकॉप्टर के पास से लौटकर वापस आए और बच्ची को दुलारा और डीएसपी के काम की प्रशंसा की। डीएसपी मोनिका सिंह धार में पदस्थ हैं। सीएम शिवराज जब हेलीपेड पर पहुंचे तो उस दौरान डीएसपी अटेंडर के पास मायसा को छोड़कर वायरलेस सेट हाथ में लिए ड्यूटी में जुटी थीं। तभी बेटी फिर रोने लगी और उन्होंने फिर उसे गोद में लिया और बेल्ट से बांध लिया। इसी दौरान सीएम ने जब उन्हें देखा तो वापस लौटे और आकर मायसा को दुलारा और डीएसपी से कहा कि आप बहुत अच्छा काम कर रही हैं। डीएसपी मोनिका सिंह के पति प्राइवेट जॉब में हैं। वे सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।
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डीएसपी मोनिका सिंह ने बताया कि दो दिन के लिए उनकी ड्यूटी लगाई गई थी। उनके पति दिल्ली में रहते हैं। वहां पर अपनी कंपनी का संचालन करते हैं। वे साइबर संबंधी मामलों के कई बड़ी एजेंसियों के सलाहकार भी हैं। ऐसे में उन्हें दिल्ली में ही रहना होता है। 18 माह की बेटी मायसा को एक दिन के लिए तो मैं स्वजनों के साथ छोड़ सकती थी, लेकिन वर्तमान में इतनी छोटी बेटी अपनी मां के बिना नहीं रह सकती। मां होने के नाते मेरे लिए भी दो दिन दूर रह पाना संभव नहीं था। ऐसे में उसे मैं ड्यूटी पर लेकर आई। 

 

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