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मध्यप्रदेश: छापेमारी में 512 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का चला पता

Sat, 04 Jul 2020 01:51 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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जब्त मशीनें - फोटो : ANI
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माल एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग के सतर्कता अधिकारियों ने इंदौर में पिछले एक महीने के दौरान पान मसाला और सिगरेट विनिर्माताओं के खिलाफ 50 से अधिक तलाशी अभियान चलाये। इनमें 500 करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी का पता चला है। शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी गई।

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जीएसटी आसूचना महानिदेशालय (डीजीजीआई) के अधिकारियों ने सरकार के राजस्व का बचाव करने के लिए यहां जांच कार्रवाई के तहत प्राथमिक आधार पर छह अचल संपत्तियों और 14 बैंक खातों को अस्थाई तौर पर कुर्क किया है।

 


डीजीजीआई के अतिरिक्त महानिदेशक द्वारा यहां जारी एक बयान के अनुसार, पान मसाले, तंबाकू तथा सिगरेट की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिये 30 मई को ऑपरेशन कर्क शुरू किया गया था। इसके तहत पिछले एक साल के दौरान हुई करीब 512 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ी गई है, जबकि इस ऑपरेशन में अभी तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 
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बयान में कहा गया कि केंद्रीय जीएसटी खुफिया अधिकारियों ने पिछले एक महीने के दौरान इस ऑपरेशन के तहत कम से कम 53 तलाशियां ली हैं। हाल ही में एक ऑपरेशन में, जीएसटी आसूचना अधिकारियों ने पिछले एक साल में इंदौर में एक सिगरेट निर्माण कंपनी द्वारा 105 करोड़ रुपये की कर चोरी का पता लगाया था।

बयान में कहा गया है कि जून के अंतिम सप्ताह में की गयी तलाशियों के परिणामस्वरूप मिले अतिरिक्त सबूत बताते हैं कि कंपनी द्वारा अप्रैल 2019 से मई 2020 तक की अवधि में 270 करोड़ रुपये की जीएसटी कर चोरी की गयी है। बयान के अनुसार यह राशि और बढ़ सकती है।

बयान में कहा गया कि केंद्रीय जीएसटी आसूचना अधिकारियों द्वारा एक तलाशी 25 जून 2020 को इंदौर स्थित एक कंपनी के परिसर में की गई, जो सिगरेट में इस्तेमाल होने वाले फिल्टर की आपूर्ति करती है। 

तलाशी में पता चला कि इस कंपनी ने तीन मुखौटा कंपनियों को फिल्टर की आपूर्ति की रसीद जारी की। हालांकि, फिल्टर की आपूर्ति सिर्फ एक कंपनी को की गई थी।

इन मुखौटा कंपनियों के मालिकों में से एक के बारे में पाया गया कि वह इन अवैध इकाइयों को संचालित करने वाली कंपनी के ही एक मीडिया संगठन का कर्मचारी है।

बयान में बताया गया कि 29 जून को इंदौर स्थित तीन अचल संपत्तियों और जीएसटी चोरी में शामिल आरोपी तथा उसकी सहयोगी कंपनियों के नौ बैंक खातों को प्रारंभिक तौर पर कुर्क किया गया है।

डीजीजीआई ने कहा कि जीएसटी धोखाधड़ी में संलिप्त सात लोग अभी फरार चल रहे हैं या अभी तक औपचारिक समन के तहत पेश नहीं हुए हैं और कानूनी कार्यवाही में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इन लोगों में कंपनियों के निदेशक (सिगरेट बनाने वाली), ट्रांसपोर्टर्स और उनके प्रतिनिधि और प्रमुख सहयोगी शामिल हैं। 
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