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सियासत से अलग: दिग्विजय ने अमित शाह और संघ की तारीफ कर चौंकाया, जानिए क्या है पूरा मामला 

Thu, 30 Sep 2021 06:32 PM IST
Amit Mandal पीटीआई, भोपाल

सार

भाजपा और आरएसएस के घोर आलोचक कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने नर्मदा परिक्रमा के दिनों को याद करते हुए अमित शाह और संघ की तारीफ कर सभी को चौंका दिया।  
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दिग्विजय सिंह - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह भाजपा और आरएसएस के सबसे बड़े आलोचकों में से एक हैं। लेकिन गुरुवार को उन्होंने अमित शाह और संघ की तारीफ कर सभी को चौंका दिया। दिग्विजय ने चार साल पहले अपनी नर्मदा परिक्रमा के दौरान मदद के लिए दोनों का आभार जताया। 

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दिग्विजय सिंह और उनकी पत्नी अमृता ने 2017 में नर्मदा नदी के किनारे पैदल ही इसकी परिक्रमा की थी। 

भोपाल में अपने लंबे समय के सहयोगी ओपी शर्मा द्वारा लिखी गई किताब 'नर्मदा के पथिक' के विमोचन के अवसर पर दिग्विजय ने उन दिनों को याद करते हुए कहा- एक बार हम रात करीब 10 बजे गुजरात में अपने गंतव्य पर पहुंचे। वन क्षेत्र से आगे कोई रास्ता नहीं था और रात भर ठहरने की कोई सुविधा नहीं थी।   

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि एक वन अधिकारी आया और उसने मुझे बताया कि अमित शाह ने उसे हमारे साथ पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया था। 





गुजरात में चुनाव चल रहे थे और मैं उनका सबसे बड़ा आलोचक हूं, लेकिन उन्होंने (अमित शाह) सुनिश्चित किया कि हमारी यात्रा के दौरान कोई समस्या न हो। कांग्रेस के दिग्गज नेता ने कहा कि उन्होंने पहाड़ों के रास्ते हमारे लिए रास्ता ढूंढा और हम सभी के लिए भोजन की व्यवस्था भी की।
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उन्होंने कहा, आज तक मैं अमित शाह से नहीं मिला हूं, लेकिन मैं उनके प्रति आभार प्रकट करता हूं। यह एक ऐसी बात है जिसमें राजनीतिक सहयोग, समायोजन और दोस्ती का उदाहरण है जिसका राजनीति और विचारधारा से कोई संबंध नहीं है। 

सिंह ने कहा कि हालांकि वह आरएसएस के घोर आलोचक हैं, लेकिन यात्रा के दौरान संघ के कार्यकर्ता उनसे मिलते रहे। मैंने उनसे पूछा कि वे इतनी परेशानी क्यों उठा रहे हैं, तो उन्होंने मुझे बताया कि उन्हें मुझसे मिलने का आदेश मिला है। 

दिग्विजय ने कहा, जब हम भरूच क्षेत्र से गुजर रहे थे, आरएसएस कार्यकर्ताओं ने एक दिन मांझी समाज धर्मशाला में उनके समूह के ठहरने की व्यवस्था की और जिस हॉल में उन्हें रखा गया था वहां दीवारों पर आरएसएस के दिग्गजों केशव बलिराम हेडगेवार और माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर की तस्वीरें थीं।  


बता दें कि दिग्विजय सिंह ने चार साल पहले 3000 किलोमीटर से अधिक लंबी यात्रा शुरू की थी जो 6 महीने बाद 30 सितंबर, 2017 को नरसिंहपुर जिले के बर्मन घाट में खत्म हुई थी। 
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