केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन धार जिले की भोजशाला-कमाल मौलाना परिसर में वैज्ञानिक पद्धति से सर्वेक्षण हो रहा है। सर्वे का 95वां दिन रहा। सुबह आठ बजे से शुरू हुआ सर्वे शाम करीब पांच बजे तक नौ घंटे टीम के सदस्यों ने यहां पर काम किया है। सोमवार को एएसआई के छह अधिकारी, 32 मजदूरों द्वारा मिट्टी हटाने व उत्खनन का काम तेज गति से किया है, जिसके कारण लगातार अवशेष सामने आ रहे हैं। आज भगवान चतुर्भुज की मूर्ति सहित अन्य अवशेष मिले हैं।
सर्वे के बाद हिन्दू पक्षकार गोपाल शर्मा ने बताया, भोजशाला के बाहरी उत्तर पूर्वी कोने, कमाल मौलाना दरगाह के पश्चिम से उत्खनन के दौरान चार अवशेष प्राप्त हुए हैं। इनमें एक भगवान "चतुर्भुज नारायण" की मूर्ति व तीन भोजशाला की दीवारों, खम्भों के अवशेष हैं। एएसआई की टीम ने सभी अवशेषों को संरक्षित किया। याचिकाकर्ताओं की ओर से एएसआई से दो मांगों को लेकर निवेदन किया गया है।
बता दें कि गर्भगृह में मिले हुए पुराने अवशेषों की फोटोग्राफी का काम भी हुआ है। मुस्लिम पक्षकार अब्दुल समद ने कहा, आज कुछ भी पार्ट्स या हिस्सा नहीं मिला। हिंदू पक्ष द्वारा भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। मीडिया में उनके द्वारा कहा जा रहा यहां ये मिला, वो मिला। जबकि कुछ नहीं मिल रहा।
हम शुरू से ही इसका खंडन करते आ रहे हैं और आज भी कर रहे हैं। ये मैटेरियल एएसआई की ओर से यह डंप किया गया है। हमारी शुरू से ही मांग चली आ रही है कि जो चीजें बाद में लाई गई हैं, उसे सर्वे में शामिल न किया जाए। उत्तर पूर्वी कोने में जो ओटले को कल ही पूरी तरह रिमूव कर दिया गया। वहीं पर खुदाई में कुछ इंसानी हड्डियां मिली थीं, जिन्हें पूरे रीति-रिवाज के साथ दफन किया गया।