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Damoh News: हरीश पटेल को मिला दादा साहब फाल्के बेस्ट सिनेमैटोग्राफर अवॉर्ड, शहरवासियों में खुशी की लहर

Tue, 11 Jun 2024 06:58 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

दमोह जिले के हरीश को दादा साहब फाल्के बेस्ट सिनेमैटोग्राफर अवॉर्ड मिला है। इसकी खबर सुनते ही शहरवासियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।
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अवार्ड लेते हरीश पटेल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दमोह के खजरी मोहल्ला में रहने वाले हरीश पटेल आज बॉलीवुड में बतौर सिनेमैटोग्राफर दमोह का नाम रोशन कर रहे हैं। एक बार फिर उन्होंने दमोह का नाम मुंबई में चमकाया है। दक्ष नागरिक फाउंडेशन द्वारा आयोजित दादा साहब फाल्के सिने आर्टिस्ट एवं टेक्नीशियन अवॉर्ड 2024 के लिए उन्हें चुना गया है।

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यह आयोजन सोमवार को मुबंई अंधेरी स्थित मयूर हाल में संपन्न हुआ, जिसमें फिल्म जगत से जुड़ी तमाम हस्तियों के साथ कैमरे के पीछे अपने-अपने क्षेत्र में कार्य कर रहे लोग भी उपस्थित रहे। दमोह शहर के हरीश पटेल जो बतौर सिनेमैटोग्राफर मुंबई फिल्म जगत में सक्रिय हैं। उन्हें 2024 के बेस्ट सिनेमैटोग्राफर दादा साहब फाल्के टेक्नीशियन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। फिल्म अभिनेता ठाकुर अनुज सिंह और मशहूर फाइट मास्टर टीनू वर्मा द्वारा हरीश को अवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया।

फिल्म जगत के दिग्गजों के बीच अवॉर्ड पाकर हरीश पटेल ने कहा कि कैमरे के पीछे काम कर रही टीम को अवॉर्ड देना निश्चित ही एक अच्छी पहल है। क्योंकि एक्टर को तो हर जगह अवॉर्ड दिए जाते हैं पर इनको बनाने में लगी टीम जिसमें कैमरामैन, लाइटमैन, स्पॉट बाय, मेकअप, हेयर ड्रेसर प्रोडक्शन और भी कई विभाग शामिल होते हैं और वो अपने-अपने क्षेत्र में बहुत मेहनत भी करते हैं। उन्हें अवॉर्ड देने वाले ऐसे कोई आयोजन नहीं होते, जिसमें उन्हें उनकी मेहनत का उचित सम्मान मिले।
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उन्होंने कहा कि मैं आभारी हूं सनातन संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरजीत सिंह का और दक्ष फाऊंडेशन का, जिन्होंने मुझे इस अवॉर्ड के लिए चुना। वैसे तो मुझे अलग-अलग शहरों से कई अवॉर्ड मिल चुके हैं, पर मेरी कर्मभूमि मायानगरी मुंबई की धरती पर ही दादा साहब फाल्के अवार्ड मिलना गौरव का विषय है।

बता दें हरीश पटेल पिछले 24 वर्षों से फिल्म जगत में लगातार सक्रिय हैं। साथ ही मध्यप्रदेश बुंदेलखंड की धरती पर लगातार शॉर्ट व डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के जरिए कोशिश में रहते हैं कि बुंदेलखंड में भी फिल्म इंडस्ट्रीज स्थापित हो। इसके साथ-साथ कई हिंदी, गुजराती, पंजाबी फिल्में भी उनके नाम हो चुकी हैं, जिसमें वो अपनी सिनेमैटोग्राफी का हुनर दिखा चुके हैं।

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