ठगी से सावधान और सतर्क रहने की बात करने वाली पुलिस अब खुद ही ठगी का शिकार होने लगी है। साइबर अपराधियों ने बहुत ही शातिराना ढंग से पुलिस को ठगी का शिकार बनाया। एक पुलिसकर्मी को एडिशनल एसपी के नाम से फोन किया और रुपए की मांग की। पुलिसकर्मी ने दो जगह से रुपए भी ट्रांसफर करवा दिए। जब हकीकत पता चली तो पुलिस हाथ मलती रह गई।
यह घटना देवास जिले की है। जिले में मंजीतसिंह चावला एडिशनल एसपी है। यहां के पीपलरावां थाने में पदस्थ एक पुलिसकर्मी के पास किसी का कॉल आया। उसने कहा कि एडिशनल एसपी बोल रहा हूं। आपके थाना क्षेत्र में जो पेट्रोल पंप है वहां जाकर उनसे मेरी बात करवाओ। पुलिसकर्मी एक आरक्षक के साथ पेट्रोल पंप पहुंचा। वहां मालिक से बात की और खाते में रुपये डलवा दिए।
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इसके बाद दूसरे पेट्रोल पंप पर पहुंचा। वहां मालिक ने कहा कि मेरे पास ऑनलाइन पेमेंट करने की व्यवस्था नहीं है। इसके बाद उसने चेक बनाकर दिया। उस चेक को एनईएफटी करवाकर कॉल करने वाले के अकाउंट में जमा किया। इस तरह से करीब 85 हजार रुपए जमा करवा दिए। बाद में जब एडिशनल एसपी चावला को इस पूरे मामले के बारे में पता चला तो वो हैरान हो गए।
हालांकि, चावला ने पैसे भेजे जाने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि यह सही है कि किसी ने फर्जी कॉल किया था और रुपयों की डिमांड की थी, लेकिन किसी के भी रुपए नहीं गए हैं। रुपए डालने का प्रयास भर किया था। कॉल किसने किया था इसकी जांच करवा रहे हैं। एएसपी चावला ने संबंधित पुलिसकर्मियों को फटकार लगाई है और मामले में जांच कराने की बात कही है।
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वहीं, घटना के बाद पुलिस महकमे में इसी बात की चर्चा होती रही। हर कोई दबीजुबान बात करता रहा कि यह क्या हो गया। जो पुलिस खुद कहती है कि साइबर क्राइम, ठगों से सावधान रहें। अनजान कॉल और व्यक्ति पर भरोसा न करें वही पुलिस खुद ठगो के झांसे में आ गई।