नागपुर में आयोजित एक शादी समारोह से लौटे जिले के बोरगांव निवासी मोहखेड़े परिवार के करीब 33 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। एक साथ बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने से बुधवार देर रात सिविल अस्पताल सौसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सभी मरीजों को उल्टी-दस्त, पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जानकारी के अनुसार मोहखेड़े परिवार के सदस्य नागपुर में एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम से लौटने के कुछ समय बाद ही परिवार के कई सदस्यों की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। शुरुआत में इसे सामान्य परेशानी माना गया, लेकिन थोड़ी ही देर में एक के बाद एक कई लोगों को उल्टी-दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत होने लगी। स्थिति गंभीर होते देख परिजनों ने निजी वाहनों और अन्य साधनों से सभी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
फूड पॉइजनिंग की आशंका
चिकित्सकों के अनुसार मरीजों में फूड पॉइजनिंग जैसे लक्षण पाए गए हैं। सभी मरीजों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत थी। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूपेश बोकडे और डॉ. संदीप नखाते ने तत्काल अतिरिक्त स्टाफ को बुलाकर उपचार शुरू कराया और मरीजों को आवश्यक दवाइयां और सलाइन दी गई।
दोनों डॉक्टर देर रात करीब 3 बजे तक अस्पताल में मौजूद रहे और मरीजों की निगरानी करते रहे। समय पर इलाज मिलने से किसी की हालत गंभीर नहीं हुई। गुरुवार शाम तक सभी मरीजों की तबीयत सामान्य होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
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एक साथ बड़ी संख्या में मरीजों के अस्पताल पहुंचने से देर रात अस्पताल परिसर में काफी हलचल रही। परिजन भी बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत व्यवस्थाएं संभालते हुए सभी मरीजों का उपचार शुरू कराया।
घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व मंत्री नानाभाऊ मोहोड, विधायक विजय रेवनाथ चौरे, पूर्व जिला भाजपा महामंत्री राहुल मोहोड और एसडीएम प्रियंक मिश्रा अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और चिकित्सकों से उपचार व्यवस्था की जानकारी ली।
एसडीएम प्रियंक मिश्रा ने अस्पताल प्रशासन को सभी मरीजों के समुचित उपचार के निर्देश दिए। वहीं जनप्रतिनिधियों ने चिकित्सकों की तत्परता की सराहना करते हुए मरीजों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।