पीड़िता शहाना ने बताया कि बेटियों को प्रताड़ित करने को लेकर जब उसने विरोध किया तो पति ने तीन बार तलाक, तलाक, तलाक कहकर उसे तलाक दे दिया और घर से निकाल दिया। इसके बाद वह अपने मायके लौट आई। बाद में उसके पति ने उसे कॉल पर भी तलाक दे दिया।
छतरपुर जिले में एक बार फिर तीन तलाक का मामला सामने आया है। बेटे की जगह लगातार दो बेटियां पैदा होने पर पति ने पत्नी को तीन तलाक दे दिया। पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई और पति सहित ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
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सिविल लाइन थाना क्षेत्र के नारायण बाग निवासी शहाना नूरी ने एसपी को सौंपे शिकायती आवेदन में बताया कि उसकी शादी वर्ष 2018 में मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार बमनौरा निवासी शहबाज अली से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही पति और ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। शादी के बाद उसके दो बेटियाँ हुईं। इस बात को लेकर पति और ससुराल वाले उसे ताने देने लगे कि बेटियां पैदा की हैं, लड़का क्यों नहीं हुआ। जब उसने समझाने की कोशिश की कि तो उस पर और उसकी बेटियों पर अत्याचार बढ़ा दिए गए। उसे और बच्चियों को बार-बार मारने की धमकी दी गई।
तीन तलाक देकर घर से निकाला
शहाना ने बताया कि बेटियों को प्रताड़ित करने को लेकर जब उसने विरोध किया तो पति ने तीन बार तलाक, तलाक, तलाक कहकर उसे तलाक दे दिया और घर से निकाल दिया। इसके बाद वह अपने मायके लौट आई। विवाद को लेकर उसके परिजनों ने ससुराल वालों से बात करनी चाही तो उन्होंने इनकार कर दिया। शहाना ने पति से फोन पर बात करनी चाही तो उसके पति ने इस दौरान भी तीन तलाक दे दिया गया।
मजहबी तालीम से होता है परिवार का गुजर-बसर
पीड़िता ने बताया कि वह गरीब परिवार से है। उसके पिता और भाई मस्जिद में नमाज पढ़ाते हैं और बच्चों को उर्दू की तालीम देते हैं। परिवार ने अपनी हैसियत के अनुसार शादी में दान-दहेज दिया था, फिर भी शहबाज और उसके परिजन लगातार प्रताड़ित करते रहे। 23 अप्रैल को ससुराल पक्ष ने दो लाख रुपये की मांग को लेकर उसके साथ मारपीट की। इसके बाद जब शहाना के माता-पिता उसे मायके ले जाने आए, तब शहबाज ने तलाक कहकर रिश्ता खत्म कर दिया। शहाना नूरी अब अपने माता-पिता के साथ छतरपुर में रह रही है। उसने एसपी कार्यालय पहुंचकर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।