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Chhatarpur News: मजिस्ट्रेट चेकिंग से खुली RTO, ट्रैफिक और प्रशासन की पोल, आमजन सड़कों पर होता रहा परेशान

Tue, 01 Oct 2024 03:32 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुुर

सार

मजिस्ट्रेट चेकिंग से आरटीओ, ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन की पोल खुल गई। आमजन सड़कों पर परेशान होता दिखा।
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सड़कों पर परेशान होते दिखे आमजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छतरपुर जिले में अधिकांश बसों का अवैध संचालन हो रहा है। मंगलवार को हुई मजिस्ट्रेट चेकिंग से आरटीओ विभाग और ट्रैफिक पुलिस की पोल खुल गई है। छतरपुर शहर के सागर रोड पर ललौनी तिराहा के पहले हो रही मजिस्ट्रेट चेकिंग के दौरान अधिकांश बसों ने परा चौकी से लेकर ढडारी तक सवारियों को बस से उतार दिया है, जिससे मासूम बच्चे, बूढ़े और जवान को लेकर महिला-पुरुष सभी सवारियां परेशान होती रही।

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दरअसल, आज छतरपुर में मजिस्ट्रेट चेकिंग चल रही है, जिसने जिले के परिवहन और ट्रैफिक विभाग की पोल खोलकर रख दी है। मजिस्ट्रेट चेकिंग के चलते शहर के सागर रोड पर 6-7 किलोमीटर पहले बसों द्वारा सवारियों को उतार कर बसें वहीं खड़ी कर देना या फिर वापस मुड़कर जटाशंकर पेट्रोल पंप तक बसों को ले जाना, इस इस बात को सिद्ध करता है कि जिले में अधिकांश बसों का संचालन अवैध हो रहा है। यदि संचालक वैध होता तो इन सवारियों को विशेष कर महिला सवारियों को अपने मासूम बच्चों को लेकर इस धूप में रोड पर पैदल न चलना पड़ता।

पैदल जा रही परेशान सवारियों ने बताया यहां साईं राम की बस ने तो बैठी सवारियों को परा चौकी पर ही उतार दिया है। पीछे जटाशंकर पेट्रोल पंप जो कि चौका के आगे स्थित है, वहां अपनी गाड़ी लेकर चालक चला गया।
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भला इन सवारियों का क्या दोष
खैर कुछ भी हो बस वालों की गलती की सजा पूरा पैसा देने वाली सवारियां भुगत रही हैं। वह तो पैसे देकर इन बसों पर गंतव्य पहुंचने हेतु सवार हुए थे। हां उनका दोष इतना है कि उन्होंने इतना साहस नहीं जुटा पाया कि वह बस स्टॉफ से पूछ सकते कि आपकी बस का संचालन अवैध तो नहीं है। यह कार्य तो परिवहन विभाग और पुलिस विभाग का है, जो उन्होंने अपने हाथ में नहीं लिया। भला इन सवारियों का क्या दोष है? ऐसे में गलती करने वाले विभाग और प्रशासन को चाहिए कि इन सवारियों को गंतव्य पर पहुंचाने की व्यवस्था कराई जाए। 

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कटा चालान - फोटो : अमर उजाला

मजिस्ट्रेट चेकिंग से मचा हड़कंप, नेताओं और अधिकारियों सहित सैकड़ों लोगों के कटे चालान
छतरपुर जिला मुख्यालय के नजदीक ललौनी तिराहे पर मंगलवार को न्यायालय के न्यायाधीशों ने मोबाइल कोर्ट लगाकर वाहनों की चेकिंग की। चेकिंग के दौरान कई जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों के वाहनों के भी चालान काटे गए। इस दौरान यातायात सहित सिविल लाइन थाने का पुलिस बल मौजूद रहा।

यातायात प्रभारी बृहस्पति साकेत ने बताया कि प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अरविंद सिंह गुर्जर एवं अनुराग सिंह सुमन के द्वारा ललौनी तिराहे पर सुबह लगभग 11 बजे मोबाइल कोर्ट लगाई गई थी। इस दौरान यहां से गुजरने वाले सभी प्रकार के वाहनों को चेक किया गया। उन्होंने बताया कि यहां पर लगभग 500 वाहनों की चेकिंग की गई है, जिसमें से लगभग 200 वाहनों पर चालानी कार्रवाई की गई है। इसके बाद यह मोबाइल कोर्ट चौबे तिराहा पर लगाई, यहां भी वाहनों की चेकिंग कर उनके दस्तावेज सहित अन्य कमियों पर चालान किए गए।

साकेत ने बताया कि सभी प्रकार के वाहनों को चेक किया गया और कमियां पाए जाने पर चालानी कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि ओवरलोड बसों पर भी कार्रवाई की गई है। उनके परमिट चेक किए गए, अन्य वाहनों में जो कमियां मिली हैं, उन पर कार्रवाई की गई। साथ ही हूटर लगे वाहनों पर भी कार्रवाई की गई है। इस दौरान इसके अलावा न्यायालय के कर्मचारी लोकेन्द्र सिंह यादव, स्टेनोग्राफर रवि मिश्रा, पवित्र मिश्रा एवं आकाश शर्मा साक्ष्य लेखक, सिविल लाइन थाना प्रभारी बाल्मीक चौबे सहित पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

वीआईपी सहित कई अधिकारियों के वाहनों के कटे चालान
मोबाइल कोर्ट के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष पुत्र शशिकांत अग्रिहोत्री के वाहन का चालान काटा गया। इसी तरह चौबे तिराहा पर नगर परिषद घुवारा के अध्यक्ष की गाड़ी, डिप्टी कलेक्टर, परियोजना अधिकारी, नगर पालिका सीएमओ माधुरी शर्मा सहित अन्य वीआईपी वाहनों, शासकीय अधिकारी, कर्मचारियों के वाहनों के चालान काटे गए।
 

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