सनातन धर्म ट्रस्ट के लोग और मंत्री उदयनिधि स्टालिन
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तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ नेता स्वर्गीय एम करुणानिधि के पोते विधायक-मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को लेकर की गई टिप्पणी से देश-प्रदेश में सनातन धर्म के मानने वाले काफी गुस्से में हैं। बुरहानपुर में भी सनातन धर्म के पदाधिकारियों ने टिप्पणी पर आपत्ति लेते हुए सिटी कोतवाली पहुंचकर टीआई कोतवाली को लिखित आवेदन देखकर इस टिप्पणी को धार्मिक भावना भड़काने और सनातन धर्म को आहत करने वाली बताते हुए उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। कोतवाली टीआई का कहना है कि मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू मलेरिया और कोरोना से करके इसे मिटाने की बात कही है। इस पर स्थानीय सनातन धर्म ट्रस्ट के अध्यक्ष सूर्यकांत आनंद दीक्षित ने कहा कि इतिहास गवाह है, जब-जब भी जिसने सनातन धर्म को मिटाने की बात कही है, उसका अस्तित्व समाप्त हो गया है।
करुणानिधि के पोते हैं उदयनिधि स्टालिन
उदयनिधि स्टालिन को राजनीति विरासत के रूप में मिली है। वह तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ नेता स्वर्गीय एम करुणानिधि के पोते हैं। उदयनिधि के पिता एमके स्टालिन डीएमके चीफ और तमिलनाडु के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। उन्हें बीते साल ही स्टालिन सरकार में खेल और युवा मामलों का मंत्री बनाया गया था, इसके अलावा वह डीएमके की युवा विंग के राज्य सचिव भी हैं।
साल 2019 में हुई राजनीतिक सफर की शुरुआत
उदयनिधि के राजनीतिक सफर की शुरुआत साल 2019 में हुई, उन्हें डीएमके यूथ विंग का सचिव बनाया गया। इसी साल हुए लोकसभा चुनाव में उन्होंने डीएमके के लिए चुनाव प्रचार किया। जींस और शर्ट में दिखने वाले 45 वर्षीय उदयनिधि चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी सीट से 2021 में पहली बार विधायक बने। एमके स्टालिन ने दिसंबर 2022 को उन्हें सरकार में शामिल किया था। राजनीति में आने से पहले वह साउथ सिनेमा में अभिनेता और निर्माता हुआ करते थे, उनकी पहली फिल्म 'ओरु काल ओरु कन्नडी' थी।