मध्य प्रदेश में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में महज सवा साल का समय बाकी है। इसके पहले ही राजनीतिक दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने पूर्व मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ 2 घंटे मंथन कर आगामी चुनाव का रोडमैप तैयार किया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के निवास पर रविवार को आयोजित बैठक में विधानसभा चुनाव 2023 का रोडमैप तैयार किया गया। इसमें वरिष्ठ नेताओं को चुनाव की अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई। साथ ही संगठन को मजबूत करने के कामों पर भी चर्चा की गई। कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी की जनविरोधी नीतियों को जनता के बीच ले जाने के लिए आंदोलन शुरू करने को लेकर भी चर्चा की। इसके साथ ही कांग्रेस की सरकार बनने पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने और दोबारा किसान कर्ज माफी योजना लागू करने जैसे फैसलों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति बनाने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश पचौरी सहित वरिष्ठ नेता मौजूद थे। बैठक से पहले कमलनाथ के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के 4 साल पूरे होने पर केक काटकर शुभकामनाएं दी गई।
बैठक के बाद पूर्व मंत्री तरुण भनोत और प्रियवृत सिंह ने बताया कि बैठक में मिशन 2023 के रोडमैप को अंजाम तक पहुंचाने पर चर्चा हुई। ताकि प्रदेश की भ्रष्ट और जनविरोधी सरकार को उखाड़ा जा सके। संगठन को मजबूत करने को लेकर चल रहे कामों पर भी चर्चा हुई, जिसके रिजल्ट अच्छे आए हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार बिजली की दिक्कत, किसानों की लगातार कम हो रही आमदनी, पेयजल संकट, बेरोजगारी की समस्या के साथ ही प्रदेश में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई। प्रियव्रत सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश में बिजली संकट गहराता जा रहा है। गांव तहसील स्तर पर बिजली की बड़े पैमाने पर कटौती हो रही है और राजधानी भोपाल भी अघोषित कटौती से बचा नहीं है। इससे बिजली का संकट सिर्फ बिजली कटौती तक सीमित नहीं है बल्कि किसानों को लाखों रुपये के बिजली के बिल थमा कर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है।
बैठक में कांग्रेस ने बीजेपी सरकार की जनविरोधी नीतियों और निर्णयों को जनता के बीच ले जाने आंदोलन करने को लेकर भी चर्चा की।