MP: आज सुबह सूरज पूर्व से उदित हुआ और पश्चिम में अस्त हुआ। इसको लेकर नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि साल के बाकी 363 दिनों में सूर्य या उत्तर पूर्व में उदित होता है या दक्षिण पूर्व में, यही स्थिति अस्त होने में भी बदलती है।
22 सितंबर (रविवार) की शाम बेहद खास थी। सूर्य ठीक पश्चिम में अस्त हो रहा था और लगभग इस ही समय यह भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर भी था। इस घटना को प्रायोगिक रूप से दिखाने नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने छल्लों की मदद से अस्त होते सूर्य से ठीक पूर्व एवं पश्चिम दिशा को नामांकित किया।
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विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि रविवार को शाम 6 बजकर 13 मिनट पर सूर्य भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर पहुंचा। सितंबर इक्वीनॉक्स की इस खगोलीय घटना में सूर्य सुबह सवेरे ठीक पूर्व दिशा में उदित हुआ तथा शाम को ठीक पश्चिम दिशा में अस्त हुआ।
सारिका ने बताया कि साल के बाकी 363 दिनों में सूर्य या उत्तर पूर्व में उदित होता है या दक्षिण पूर्व में। यही स्थिति अस्त होने में भी बदलती है। वास्तव में सूर्य तो अपनी जगह स्थिर है, लेकिन अक्ष पर झुकी पृथ्वी जब सूर्य की परिक्रमा करती है, तो ऐसा लगता है कि सूर्य की स्थिति बदल रही है। सारिका ने बताया कि अगर आप इस घटना को दोबारा देखना चाहते हैं तो लगभग 6 माह बाद 20 मार्च 2025 को फिर सूर्य ठीक पूर्व दिशा में उदित होकर होगा और ठीक पश्चिम में अस्त।