रेलवे के ट्रेन कंट्रोलर को उसके साथी ट्रेन कंट्रोलर ने अपने जन्मदिन पर घर बुलाया और एनजीओ चलाने वाली महिला मित्र के साथ बैठाया। इसके बाद महिला मित्र के साथ मिलकर ट्रेन कंट्रोलर को ब्लैकमेल करने लगे कि तुम्हारे अश्लील फोटो और आपत्तिजनक वीडियो वायरल कर दूंगा। फरियादी रेलवे कर्मचारी ने बदनामी के डर से छह लाख रुपये अलग-अलग समय में आरोपियों को दे दिए। इसके बाद भी आरोपी ब्लैकमेल कर और राशि मांगने लगे तो उसने गोविंदपुरा थाने में मामला दर्ज करा दिया।
गोविंदपुरा पुलिस के अनुसार 52 वर्षीय संजय कटारे रेलवे में ट्रेन कंट्रोलर हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि नेहरू नगर में रहने वाले नृपेंद्र सिंह भी ट्रेन कंट्रोलर हैं और करीब 20 वर्ष से दोनों में दोस्ती है। एक जन्मदिन के पार्टी में नृपेंद्र सिंह ने 27 वर्षीय काजल परमार से उनकी पहचान कराई। बाद में दोनों में अच्छी दोस्ती हो गई। कुछ दिनों बाद काजल फोन पर बातें करते-करते पैसे की मांग करने लगी।
काजल ने कहा पैसे दो, तुम मेरे बेटे के पिता हो
फरियादी ने पुलिस को बताया कि आरोपी महिला काजल परमार ने दिसंबर 2021 में पांच हजार रुपये मांगे। इसके बाद अलग-अलग समय में करीब छह लाख रुपए ले चुकी है। पहली बार काजल ने कहा कि पैसे दो, मैंने मना किया तो कहा कि तुमने मेरा शारीरिक शोषण किया है, तुम मेरे बेटे के पिता हो। रेलवे अधिकारी ने बदनामी के डर से काजल को पैसे दे दिए और बाद में काजल का फोन रिसीव करना बंद कर दिया तो वह नृपेंद्र सिंह के फोन से पैसे मांगने लगी। फरियादी ने नृपेंद्र से शिकायत की तो वह भी महिला के साथ मिलकर पैसे देने के लिए दबाव बनाने लगा। इसके बाद संजय ने परिजनों को पूरी घटना बताई और गोविंदपुरा थाने में शिकायत कर दी। पुलिस ने ब्लैकमेल सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। हालांकि, ब्लैकमेलर एनजीओ संचालिका काजल परमार और ट्रेन कंट्रोलर नृपेंद्र सिंह की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।