पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने महिला आरक्षण बिल संसद के दोनों सदनों में पास होने के बाद ओबीसी वर्ग को अधिकार दिलाने अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इसको लेकर शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने ओबीसी वर्ग के नेताओं की बैठक बुलाई है।
पूर्व सीएम उमा भारती ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 1996 में देवगौड़ा जी ने महिला आरक्षण बिल जब पेश किया तो मैंने इसमें ओबीसी आरक्षण प्रस्तावित किया। देवगौड़ा जी पिछड़े वर्ग के थे एवं उनके हिमायती थे। उन्होंने कहा कि उस दिन सदन में कांग्रेस और हमारी पार्टी भाजपा बिना ओबीसी आरक्षण के ही इसको सदन में मंजूर करने के लिए एक मत थी एवं समर्थन के लिए तैयार थी। देवगौड़ा जी ने इसको विशेष कमेटी को भेजा और यह बिल 27 साल लंबित रहा। अब अचानक कांग्रेस ओबीसी आरक्षण की बात करने लगी है तो जब मनमोहन सिंह जी की सरकार थी, तब इसको लागू क्यों नहीं किया।
बता दें इससे पहले उमा भारती ने लिखा आज राज्यसभा में भी महिला आरक्षण बिल पूर्ण बहुमत से पारित हो गया। अब यदि पिछड़े वर्गों को स्थान देने के लिए एक और संशोधन का मार्ग निकालना है। इसलिए भोपाल शहर के एवं उसके आसपास के पिछड़े वर्ग के प्रमुख नेताओं के साथ विचार विमर्श हुआ। 23 सितंबर को एक और बड़ी बैठक बुलाने का फैसला हुआ।